
SIR Electoral Roll Revision Controversy: देश में अगले साल पांच राज्य उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच टकराव की चर्चा केंद्र में है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में एसआईआर को लेकर हुए खुलासे के बाद विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसको लेकर मोदी सरकार को घेर रहे हैं। सड़क पर विपक्ष के साथ सीजेपी और छात्र संगठन भी SIR के मुद्दे पर चुनाव आयोग और मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि इन सबके बीच आगामी विधानसभा चुनावों में SIR और वोट चोरी के मुद्दे को विपक्ष पूरे-जोर से उठाने की रणनीति भी बना रहा है।
बता दें कि अगले साल जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। उनमें एक में भी कांग्रेस की सरकार नहीं है। चार राज्यों में बीजेपी और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है। वहीं इन राज्यों में सबसे ज्यादा अहम यूपी चुनाव को माना जा रहा है, क्योंकि यहां से सबसे अधिक लोकसभा और राज्य सभा सीटें आती है।
इन सबसे बीच ये सवाल उठते है कि क्या SIR से जुड़ा विवाद कांग्रेस के लिए चुनावी मुद्दा बन सकता है? क्या इससे कांग्रेस को राजनीतिक लाभ मिलेगा? या फिर चुनाव आयोग के मुद्दे पर कांग्रेस विपक्ष को एकजुट करना चाहती है?
हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव के चुनाव में मिली हार के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग और मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने कहा था कि हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव में बीजेपी ने वोट चोरी कर विधानसभा चुनाव जीता है। इसके अलावा बिहार में भी उन्होंने एसआईआर के मुद्दे को लेकर ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाली थी। ऐसे में अब एक बार फिर से अटकलें लगाई जा रही है कि आगामी चुनावों में कांग्रेस एसआईआर के मुद्दे को उठाएगी।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस, राजद समेत विपक्षी दलों ने वोटर अधिकार यात्रा निकाली थी। इस चुनाव में विपक्षी गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा और एनडीए ने जीत दर्ज की थी। बिहार में एसआईआर के मुद्दे से विपक्षी गठबंधन को फायदा नहीं हुआ।
हालांकि अब स्थिति बदली हुई है। दिल्ली समेत कई जगहों पर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से लोगों में नाराजगी है। आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस समेत विपक्षी दल इसका फायदा उठा सकते हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे को लेकर कांग्रेस की रणनीति आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर ही नहीं है, बल्कि लोकसभा चुनाव 2029 को लेकर भी है। दरअसल, कांग्रेस चाहती है कि आगामी चुनावों से पहले सभी विपक्षी दल एकजुट हो जाए, जिससे केंद्र में एनडीए को हराया जा सके। क्योंकि CEC के मुद्दे पर सभी विपक्षी दलों की मांग एक ही है।
इसके अलावा कई ऐसे दल भी है, जो ना तो इंडिया और एनडीए गठबंधन में शामिल है। उन दलों ने भी एसआईआर के मुद्दे पर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। इंडिया गठबंधन को उम्मीद है कि आगामी लोकसभा चुनाव में ये इन्हें समर्थन कर सकते हैं।
यह कहना गलत होगा कि एसआईआर के मुद्दे से विपक्ष जनता के मुद्दों से दूर हो रहा है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी लगातार छात्रों के मुद्दों को उठा रहे है। इसको लेकर छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे है। इसके अलावा विपक्ष द्वारा महंगाई का मुद्दा भी उठाया जा रहा है।