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‘आतंकवाद के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति को पूरी दुनिया ने स्वीकारा’, Anti-Terror Conference – 2024 में बोले Amit Shah

Anti-Terror Conference - 2024: गृहमंत्री Amit Shah ने कहा कि अब पूरी दुनिया ने पीएम मोदी की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को स्वीकार कर लिया है। सरकार आतंकवाद की बुराई को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

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Nov 07, 2024

Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित 'आतंकवाद विरोधी सम्मेलन-2024' (Anti-Terror Conference - 2024) के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार देश में आतंकवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके खिलाफ ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। सुरक्षा बलों को आतंकवाद से निपटने के लिए युवा अधिकारियों को प्रशिक्षित करना होगा और प्रौद्योगिकी का उपयोग करना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आजादी के 75 साल बीत चुके हैं। देश की आतंरिक सुरक्षा और सीमाओं की सुरक्षा बनाए रखने के लिए अब तक 36,468 पुलिसकर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी हैं। मैं आज उन सभी को सर्वोच्च बलिदान देने की उनकी भावना को श्रद्धांजलि देना चाहता हूं और देश की ओर से उनके परिवारों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं।

आतंकवाद की कोई सीमा नहीं होती-अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है, लेकिन आतंकवाद की कोई क्षेत्रीय सीमा नहीं होती, इसलिए सभी सुरक्षा एजेंसियों को समन्वय के साथ काम करना चाहिए। संयुक्त रणनीति बनानी चाहिए और खुफिया जानकारी साझा करनी चाहिए। अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद देश आतंकवाद के खिलाफ ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। हम आतंकवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

दुनिया ने स्वीकार की जीरो टॉलेरेंस नीति

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अब पूरी दुनिया ने पीएम मोदी की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को स्वीकार कर लिया है। सरकार आतंकवाद की बुराई को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

‘आतंकी मामलों में UAPA का करती है इस्तेमाल’

अमित शाह ने कहा कि सरकार की आतंकवाद विरोधी जांच एजेंसी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) सभी आतंकी मामले में UAPA का इस्तेमाल करती है। इसके परिणामस्वरुप अब तक दर्ज 632 मामलों में से 498 मामलों में आरोप पत्र दायर किया गया और करीब 95 प्रतिशत मामलों में सजा हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों के संयुक्त प्रयासों से पिछले 10 वर्षों में जम्मू-कश्मीर, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और पूर्वोत्तर राज्यों में हिंसा पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है।उन्होंने राज्यों के पुलिस प्रमुखों से पुलिस स्टेशन स्तर तक तालमेल स्थापित करने और आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने को कहा।

Updated on:
07 Nov 2024 06:00 pm
Published on:
07 Nov 2024 04:55 pm
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