
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना ने फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। घटना में टाइगर श्रॉफ के ड्राइवर फिरदौस और अभिनेता के एक प्रशंसक योगेश चव्हाण (28) को गोली लगी। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे अनिल पंडित और हरमन संधु ने ली है। हालांकि, हमले में उनकी भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि किसी भी गैंग या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस को अहम सुराग मिले हैं और कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के साथ ही पुलिस की जांच उन लोगों तक पहुंचने पर भी केंद्रित है, जिन्होंने कथित तौर पर पर्दे के पीछे से हमले की साजिश रची।
फडणवीस ने यह भी कहा कि लॉरेंस बिश्नोई को हिरासत में लेने के लिए अनुरोध भेजा जा चुका है और इस संबंध में प्रक्रिया जारी है। उनके मुताबिक, अपराधियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई की जाएगी, चाहे उनके सरगना कहीं भी छिपे हों। अभिनेता पर हमले के बाद फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के सभी पहलुओं का विश्लेषण कर जरूरत के मुताबिक कदम उठाए जाएंगे।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम पिछले कुछ वर्षों में बॉलीवुड हस्तियों और उनसे जुड़े लोगों को धमकियां देने, गोलीबारी और हत्या जैसी घटनाओं के मामलों में सामने आता रहा है। सलमान खान को कई बार धमकियां मिलने से लेकर बाबा सिद्दीकी की हत्या और फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग तक, कई घटनाओं में गैंग या उससे जुड़े लोगों पर आरोप लगे हैं।
2018 में काले हिरण शिकार मामले में जोधपुर अदालत से सलमान खान को पांच साल की सजा मिलने के बाद लॉरेंस बिश्नोई की ओर से उन्हें जान से मारने की धमकी मिली। गैंग के गुर्गे संपत नेहरा ने उनके फार्महाउस की रेकी कर हमले की कोशिश की। इसकी वजह हिरण के प्रति बिश्नोई समाज की धार्मिक आस्था बताई गई। 14 अप्रेल, 2024 को सुबह करीब 4:50 से 5 बजे के बीच बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर बाइक सवार दो हमलावरों ने कई राउंड गोलियां चलाईं।
12 अक्टूबर, 2024 को राजनेता बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सलमान खान और बॉलीवुड के कई सितारों के करीबी सिद्दीकी पर तीन हमलावरों ने छह-सात गोलियां चलाईं, जो उनके पेट और सीने में लगीं। बाद में लॉरेंस गैंग ने भी इसकी जिम्मेदारी ली।
फिल्म निर्माता-निर्देशक रोहित शेट्टी के मुंबई के जुहू स्थित घर के बाहर 1 फरवरी, 2026 को फायरिंग हुई। यह मामला फिरौती से जुड़ा बताया गया। घटना के बाद लॉरेंस गैंग से जुड़े शुभम लोनकर और आरजू बिश्नोई ने इसकी जिम्मेदारी ली।
फिल्म धुरंधर के बाद रणवीर सिंह की लोकप्रियता के बीच उन्हें उनके मैनेजर के माध्यम से धमकी भरा संदेश भेजे जाने की खबर सामने आई। इसमें करोड़ों रुपए की फिरौती मांगी गई। मामले के बाद पुलिस को लॉरेंस गिरोह पर शक हुआ।
2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की एसयूवी में यात्रा के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ली थी, जिसे लॉरेंस बिश्नोई का करीबी माना जाता है।
नवंबर 2023 में कनाडा के वैंकूवर के व्हाइट रॉक इलाके में पंजाबी गायक गिप्पी ग्रेवाल के घर पर फायरिंग हुई। इसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई ने ली। सलमान खान से करीबी को भी इस हमले की वजह के रूप में पेश किया गया।
लॉरेंस बिश्नोई और उससे जुड़े गिरोह का नाम राजस्थान समेत कई राज्यों में कारोबारियों को धमकाने और रंगदारी मांगने के मामलों में भी सामने आता रहा है। जयपुर सहित राजस्थान के अलग-अलग शहरों में कारोबारियों को धमकियां मिलने की घटनाओं में पुलिस और जांच एजेंसियों ने गैंग के नेटवर्क की पड़ताल की है। जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरोह से जुड़े कुछ सदस्य विदेश में रहकर नेटवर्क संचालित करते रहे हैं। गोल्डी बराड़ को इस नेटवर्क का प्रमुख विदेशी संचालक माना जाता रहा है।
जनवरी 2018 में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को जोधपुर कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान लॉरेंस ने भारी पुलिस सुरक्षा के बीच मीडिया के सामने सलमान खान को धमकी देते हुए कहा था कि वह सलमान खान को मार देगा। साथ ही लॉरेंस ने कहा कि वह सलमान को जोधपुर में ही मारेगा। गैंगस्टर लारेंस विश्नोई ने कहा था कि अभी तो मैंने कुछ किया ही नहीं है। पुलिस यूं ही फंसा रही है। लारेंस की सलमान को दी गई इस धमकी ने उस वक्त पुलिस महकमे में हड़कंप सा मचा दिया था। लॉरेंस बिश्नोई पर हत्या, अवैध वसूली, रंगदारी और फायरिंग के कई मामले चल रहे हैं। लॉरेंस मूलत: पंजाब का रहने वाला है।
लॉरेंस बिश्नोई का जन्म 22 फरवरी 1992 को पंजाब के फाजिल्का जिले के अबोहर क्षेत्र में हुआ। उसके पिता पुलिस कांस्टेबल थे। शुरुआती जीवन सामान्य रहा, लेकिन करीब 19 साल की उम्र में पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ पहुंचने के बाद वह छात्र राजनीति से जुड़ गया। कॉलेज के दौरान छात्र राजनीति से जुड़े विवादों के चलते उसका नाम पुलिस रिकॉर्ड में आने लगा। इसी दौर में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ।
शुरुआत में चंडीगढ़ और मोहाली में दर्ज मामले छात्र राजनीति से जुड़े विवादों से संबंधित थे, लेकिन बाद में उसका नाम संगठित अपराध की दुनिया में सामने आने लगा। लॉरेंस बिश्नोई पर हत्या, हत्या के प्रयास और जबरन वसूली समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में उसके गिरोह की गतिविधियों की चर्चा रही है।
वर्ष 2013 के आसपास लॉरेंस बिश्नोई का नाम संगठित अपराध से जुड़े मामलों में प्रमुखता से सामने आने लगा। वह लंबे समय से जेल में बंद है, लेकिन जांच एजेंसियों के अनुसार, उसके गिरोह का नेटवर्क जेल के बाहर भी सक्रिय रहा है। गिरोह के सदस्यों पर कई वारदातों में शामिल होने और कुछ घटनाओं की जिम्मेदारी लेने के दावे करने के आरोप लगते रहे हैं।