
Tiger Shroff Firing Incident: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग मामले में घायल हुए उमेश चव्हाण ने उन दिन का खौफनाक मंजर बयां किया है। उन्होंने कहा कि शाम करीब 7 बजे टाइगर श्रॉफ शूटिंग या खेलकूद के बाद वहां से निकल रहे थे। जब उनकी कार गेट से बाहर निकली, उस समय वह कार की खिड़की के बिल्कुल पास खड़े थे और वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे।
उमेश ने बताया कि अचानक तेज आवाज सुनाई दी। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद कार का टायर फट गया है। लेकिन कुछ ही समय बाद सीने में तेज दर्द होने लगा। दर्द बढ़ने पर वह चिल्लाने लगे और आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगने लगे।
उमेश के मुताबिक, उन्होंने कहा- मेरे सीने में दर्द हो रहा है। कोई मेरी छाती दबाओ, मुझे सांस नहीं आ रही है। उस वक्त उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उन्हें गोली लगी है।
घायल उमेश ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें लगा कि हार्ट अटैक आया है। जब उन्हें कूपर अस्पताल ले जाया गया, तब पता चला कि गोली उनके शरीर में लगी है। अस्पताल में शुरुआती जांच के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।
वहीं टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना पर एनसीपी-एससीपी नेता नसीम सिद्दीकी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर मुंबई जैसे शहर में फिल्मी सितारों या उद्योगपतियों जैसी प्रमुख हस्तियों को इतनी बेखौफी से निशाना बनाया जा रहा है, तो यह या तो सरकार की नाकामी को दर्शाता है या फिर इसमें सरकार का ही कोई स्वार्थ जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि मुंबई में पहले सक्रिय रहे कई गिरोहों का लंबे समय पहले ही सफाया किया जा चुका है। अगर सरकार में वास्तव में राजनीतिक इच्छाशक्ति है, तो इस स्थिति को निश्चित रूप से खत्म किया जा सकता है।
अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग (गोलीबारी) की घटना पर मंत्री गुलाब रघुनाथ पाटिल ने कहा कि घटना के बाद ही आरोपियों को राजस्थान में गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना के बाद गृह मंत्री और हमारे मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा था कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अगर आप पिछली घटनाओं पर नजर डालें, तो गृह विभाग ने हर बार कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा है।