
Lawrence Bishnoi gang: गुजरात की साबरमती जेल की हाई सिक्योरिटी सेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नेटवर्क एक बार फिर चर्चा में है। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना ने गैंग के काम करने के तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई जांचों में सामने आया कि गिरोह का संचालन अब केवल एक सरगना के आदेश पर निर्भर नहीं है। अमरीका, कनाडा और यूरोप में बैठे गैंग के प्रमुख सहयोगी अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते हैं, जबकि भारत में स्थानीय गुर्गे वारदातों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल होते हैं। इसी बिखरी हुई व्यवस्था को ‘शैडो कैबिनेट’ कहा जा रहा है। गिरोह से करीब 700 लोगों के जुड़े होने का दावा भी सामने आया है।
नेटवर्क के प्रमुख सदस्यों में टाइसन बिश्नोई, अनिल पंडित, हरि बॉक्सर, हरमन संधू और हिमांशु सोनीपत के नाम सामने आए हैं। इनके बारे में आरोप है कि ये नए लोगों को जोड़ने, उन्हें काम सौंपने और वारदातों के लिए जरूरी इंतजाम करने में भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा आरजू बिश्नोई, शुभम लोनकर और रंदीप मलिक का ग्रुप वारदातों की योजना, वित्तीय मदद और निशाने तय करने जैसे काम देखता है। टाइसन पर सोशल मीडिया के जरिये धमकियां देने, हरि बॉक्सर पर जबरन वसूली के मामलों में भूमिका निभाने और हरमन संधू पर विदेश में बैठे लोगों तथा भारत में सक्रिय गुर्गों के बीच समन्वय का आरोप है।
हरियाणा के पानीपत का रहने वाला अनिल पंडित इस नेटवर्क का प्रमुख सार्वजनिक चेहरा बनकर उभरा है। वह 2023 में कनाडा गया और बाद में वहां से अमेरिका पहुंचा। आरोप है कि विदेश में रहते हुए वह भारत में सक्रिय लोगों के संपर्क में रहा और विभिन्न वारदातों में इस्तेमाल किए गए शूटरों से समन्वय करता रहा। टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए संदेश में भी उसने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया।
पंजाब के फाजिल्का जिले के दुतारावाली गांव का लॉरेंस बिश्नोई 2015 से जेल में है। मई 2023 से वह साबरमती जेल में बंद है। उसका भाई अनमोल बिश्नोई को अमरीका से प्रत्यर्पण के बाद एनआइए ने नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया। फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है। लॉरेंस और सलमान खान के बीच विवाद की जड़ 1998 में राजस्थान में काला हिरण शिकार का मामला है। बिश्नोई समुदाय में काले हिरण का धार्मिक महत्व है। इसी मामले को लेकर लॉरेंस ने सलमान को धमकियां दीं। अप्रैल 2024 में अभिनेता के मुंबई स्थित आवास के बाहर गोलीबारी हुई थी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, गिरोह का कथित नेटवर्क जेल में बंद सरगना, विदेश में बैठे हैंडलर और भारत में सक्रिय स्थानीय गुर्गों के बीच संपर्क के जरिए चलता है। अलग-अलग मामलों में अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों, इंटरनेट कॉल और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल के आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पोस्ट और वॉयस मैसेज के जरिए धमकी देने या वारदात की जिम्मेदारी लेने के मामले भी सामने आए हैं।
साबरमती जेल: लॉरेंस के करीबी सहयोगी हाशिम बाबा ने दावा किया था कि उसने वीडियो कॉल पर लॉरेंस को मोबाइल फोन दिखाते देखा था।
तिहाड़ और रोहिणी जेल: जांच एजेंसियों ने अलग-अलग मामलों में मोबाइल फोन और बाहरी सहयोगियों के जरिए आपराधिक साजिशें चलाने के आरोपों की जांच की है।
जेलों में मोबाइल का मिलना: अक्सर विभिन्न जेलों में जांच के दौरान मोबाइल मिलने की घटनाएं हुई हैं। कई बार जेल के अंदर के वीडियो तक वायरल हुए हैं।