-पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने नेशनल म्यूजियम से पुराना किला तक का किया दौरा -पुराना किला में पर्यटकों के साथ बैठकर लिया फीडबैक, नागरिकों ने दिए कई सुझाव
अनुराग मिश्रा। नई दिल्ली: केंद्र सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राष्ट्रीय स्मारकों और पर्यटक स्थलों की वास्तविकता जानने के लिए दौरा किया। दिल्ली के नेशनल म्यूजियम से लेकर पुराना किला पहुँचकर स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों, आम नागरिकों के लिए सरकारी फाइलों में बतायी गई सुविधाओं की ज़मीनी हक़ीक़त परखी।
फ़ील्ड में निकलने से पहले मंत्रालय के अफ़सरों के साथ बैठक में गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि विकसित भारत बनाने में पर्यटन और संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है। उनकी टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुसार संस्कृति, कला और पर्यटन के क्षेत्र में नए सोपान तय करने के लिए शानदार काम करेगी।
ग़ौरतलब है कि गजेंद्र सिंह शेखावत दिल्ली में संस्कृति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नेशनल म्यूज़ियम की व्यवस्था का अवलोकन कर चुके हैं। उन्होंने नेशनल म्यूजियम का अवलोकन करने के बाद कहा कि हमारे भारत की वैविध्यपूर्ण सांस्कृतिक विरासत को यहां बखूबी सहेजा गया है। यह जरूरी है कि हम अपनी मूल संस्कृति से परिचित हों। संस्कृति मंत्रालय की टीम इसकी बढ़िया देख-रेख कर रही है।
शेखावत भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग, हित एंड मैत्री (भीष्म) के क्रिटिकल ट्रामा क्यूब के प्रदर्शन को देखने पहुंचे। भीष्म को पर्यटन स्थलों में इमरजेंसी और आपदा राहत के दौरान समय पर चिकित्सा सहायता के लिए बनाया गया है। उन्होंने यहां कहा कि यह नई सोच का परिणाम है।
शनिवार सुबह- सुबह शेखावत कुतुब मीनार पहुंचे और रख-रखाव का अवलोकन किया। उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इसके बाद मंत्री ने प्रसिद्ध पुराना किला परिसर का प्रबंधन भी परखा। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक स्थलों से जुड़ी सांस्कृतिक जानकारी और जन-सुविधा के संदर्भ में सुधार के प्रयास जारी रहेंगे।
पुराना किला में शेखावत वहां आए नागरिकों के साथ जमीन पर बैठे और फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि जनता बेहतर जानती है। ऐतिहासिक स्थलों में उन्हें क्या महसूस होता है और क्या सुधार होना चाहिए? शेखावत को नागरिकों से अच्छे सुझाव मिले। शेखावत ने 17वीं शताब्दी में बने लाल किला पहुंचकर व्यवस्था का आकलन किया। उन्होंने कहा कि रिफ़ॉर्म्स और फीडबैक इस सरकार की कार्यप्रणाली का हिस्सा है, जिसके आधार पर प्रबंध उन्नत होता रहेगा।