
Neha Bora: देश की राजधानी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों का हुजूम उमड़ रहा है। विपक्षी दल, CJP और कई संगठन मिलकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी बीच, एक नाम की चर्चा तेजी से हो रही है और वह नाम है नेहा बोरा। AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा भी प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। सियासी गलियारों में अचानक उनकी चर्चा तेज होने की वजह यह है कि आंदोलन के दौरान कांग्रेस उन्हें लगातार मंच दे रही है। राहुल गांधी हों या प्रियंका गांधी, नेहा बोरा को अहमियत देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इन घटनाक्रमों के बाद सियासी कयास लगने शुरू हो गए हैं।
बता दें कि 12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में कांग्रेस और विपक्षी दलों ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च निकाला था। इस दौरान INDIA गठबंधन के कई नेता मौजूद थे। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ कदमताल करते नजर आए। इस दृश्य के जरिए कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश की कि INDIA गठबंधन युवाओं के मुद्दों पर मजबूती से उनके साथ खड़ा है। वहीं, CJP अब तक खुद को पारंपरिक राजनीतिक दलों से अलग बताते हुए युवाओं की आवाज बनने की कोशिश करता रहा है। ऐसे में नेहा बोरा का कांग्रेस के साथ मार्च में नजर आना नई राजनीतिक चर्चा को जन्म दे रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या राहुल गांधी और कांग्रेस इस मुद्दे पर CJP के प्रभाव को अपने राजनीतिक मंच की ओर मोड़ने में सफल हो रहे हैं, या यह केवल एक साथ नजर आने तक ही सीमित है?
दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच नेहा बोरा का नाम लगातार चर्चा में है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की पीएचडी रिसर्च स्कॉलर नेहा बोरा छात्र आंदोलनों के जरिए अपनी पहचान बना चुकी हैं। NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर हुए प्रदर्शनों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
नेहा बोरा की पहचान एक छात्र नेता के तौर पर उभरी, जो शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रहती हैं। वह AISA से जुड़ी हैं, जो वामपंथी विचारधारा से संबंधित छात्र संगठन है। जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के साथ भूख हड़ताल में शामिल होने और युवाओं के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाने से भी उन्हें पहचान मिली।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर हुए प्रदर्शनों में नेहा बोरा की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। वह CJP से जुड़े आंदोलनकारियों के साथ भी कई प्रदर्शनों में नजर आईं। अक्टूबर में दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान उन्हें पुलिस ने कई बार हिरासत में लिया। उनके भाषणों और प्रदर्शन के दौरान सक्रियता ने उन्हें युवा आंदोलन के चर्चित चेहरों में शामिल कर दिया।
12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी मार्च के दौरान नेहा बोरा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ नजर आईं। इस दृश्य ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी कि क्या छात्र आंदोलनों और विपक्षी दलों के बीच तालमेल बढ़ रहा है। हालांकि, नेहा बोरा का कांग्रेस नेतृत्व के साथ मार्च में शामिल होना अपने आप में CJP और कांग्रेस के बीच किसी औपचारिक गठबंधन का प्रमाण नहीं है।