नई दिल्ली

‘जब सत्ताधारी किसी की अभिव्यक्ति से डर जाए, तो समझो उसने अपनी ताकत खो दी है’: रेहान वाड्रा विवाद पर फूटा प्रियंका गांधी का गुस्सा

Raihan Vadra art exhibition controversy: बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से दिल्ली प्रदर्शन की तस्वीरें हटाने पर बड़ा विवाद छिड़ गया है। इस पर प्रियंका गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्ताधारी डर के कारण अपनी ताकत खो चुके हैं।
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बीकानेर हाउस में प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाए जाने के विवाद के बीच युवा कलाकार रेहान वाड्रा। (फोटो सोर्स-@priyankagandhi)

Priyanka Gandhi on Raihan Vadra: राजधानी दिल्ली के मशहूर 'बीकानेर हाउस' में इन दिनों कला और राजनीति का एक नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे व युवा फोटोग्राफर रेहान वाड्रा की सोलो आर्ट एग्जीबिशन शुरू होने से ठीक पहले बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि बीकानेर हाउस प्रशासन के दबाव के कारण रेहान को अपनी प्रदर्शनी से दिल्ली में हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी दर्जनों तस्वीरें हटानी पड़ गईं। इस घटना के बाद से राजनीतिक गलियारों में खलबली मची हुई है, वहीं इस मामले पर खुद प्रियंका गांधी का तीखा और आक्रामक अंदाज देखने को मिला है।

क्या है पूरा मामला और तस्वीरों को हटाने का विवाद?

रेहान वाड्रा की इस एकल प्रदर्शनी का नाम 'नो आइडिया इज फाइनल' रखा गया था, जिसके तहत वहां 105 तस्वीरें प्रदर्शित की जानी थीं। लेकिन, शो शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही प्रबंधन की ओर से आपत्ति जता दी गई। रेहान का कहना है कि प्रशासन ने मौजूदा माहौल का हवाला देकर उनसे करीब 74 तस्वीरें हटाने को कह दिया। उनका साफ तर्क है कि ये तस्वीरें बीते दिनों दिल्ली में हुए युवा आंदोलनों का सिर्फ एक सामान्य विजुअल रिकॉर्ड थीं, जिनमें किसी भी तरह की भड़काऊ बात नहीं थी।

जब ये तस्वीरें हटाई गईं, तो एग्जीबिशन की दीवारों पर खाली फ्रेम और सन्नाटा पसर गया। इसके विरोध में उन खाली जगहों पर संविधान की प्रस्तावना की प्रतियां लगानी पड़ीं। हद तो तब हो गई जब रेहान के मुताबिक प्रबंधन ने उन्हें भारतीय तिरंगे से जुड़ी एक फोटो हटाने के लिए भी कहा, जिसे उन्होंने दो टूक मना कर दिया।

प्रियंका गांधी का छलका दर्द, सोशल मीडिया पर साधा निशाना

बेटे के इस शो में हुई इस तरह की सेंसरशिप पर मां प्रियंका गांधी का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बेहद कड़े शब्दों में निशाना साधते हुए लिखा कि 'जब सत्ता या ताकत रखने वाला शख्स किसी दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो वह यह नहीं जानता कि जिस ताकत को वह बचाने की कोशिश कर रहा है, उसे वह पहले ही खो चुका होता है।'

इससे पहले भी प्रियंका ने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा था कि अब देश में लोकतंत्र नहीं बचा है। आज उनके बेटे की आवाज दबाई जा रही है, तो कल किसी अन्य कलाकार या आम नागरिक की बारी होगी।

'दबाव बनाकर हटवाई गईं दिल्ली प्रदर्शन की तस्वीरें'

रेहान वाड्रा ने खुद आरोप लगाया है कि बीकानेर हाउस प्रशासन के भारी दबाव के चलते उन्हें ये तस्वीरें हटानी पड़ीं, जिसके लिए उन्हें शाम 5 बजे तक का अल्टीमेटम दिया गया था। इस कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए विपक्षी नेताओं ने कहा है कि किसी आर्टिस्ट की आवाज दबाना लोकतंत्र पर सीधा हमला और स्पष्ट सेंसरशिप है। नेताओं का कहना है कि सरकार और प्रशासन को जवाब देना चाहिए कि सच्चाई बयां करने वाली इन तस्वीरों से उन्हें क्या आपत्ति थी।

फिलहाल, कला और स्वतंत्र विचारों पर लगाई जा रही इन पाबंदियों को लेकर चारों तरफ चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस पूरे घटनाक्रम ने यह बहस फिर से छेड़ दी है कि क्या आज के समय में कला और विरोध के सुरों को बर्दाश्त करने की ताकत खत्म होती जा रही है?

Updated on:
22 Oct 2026 11:48 am
Published on:
22 Oct 2026 10:54 am