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जंतर-मंतर मामले में CJP नेताओं पर शिकंजा: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने आज पेश होंगे सौरभ दास, आशुतोष और अजिंक्य

Jantar Mantar protest controversy: जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन मामले में CJP नेताओं सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिनडे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तिहाड़ जेल से रिहाई के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इन्हें पूछताछ के लिए तलब किया है।
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नई दिल्ली

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Imran Sheikh

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Updated: 22 Oct 2026, 2:50 PM IST

CJP leaders release Tihar Jail

दिल्ली के जंतर-मंतर मामले में घिरे CJP नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका। (फाइल फोटो-@SouleFacts)

CJP leaders news:जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं पर शिकंजा कसता जा रहा है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने CJP के तीन प्रमुख नेताओं सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिनडे को बुधवार को पूछताछ के लिए तलब किया है। पुलिस ने इन सभी को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा है, जिसके बाद आज इन्हें क्राइम ब्रांच के सामने पेश होना होगा।

तिहाड़ से बाहर आते ही फिर घिरा संकट

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे खास बात यह है कि सौरभ दास और आशुतोष रांका को कुछ ही दिन पहले तिहाड़ जेल से रिहाई मिली थी। जेल की हवा खाकर बाहर आए इन दोनों नेताओं को अभी चैन की सांस भी पूरी तरह नहीं मिली थी कि क्राइम ब्रांच की तरफ से जांच में शामिल होने का नया फरमान आ गया। इनके अलावा, अजिंक्य शिनडे को भी इस मामले में समन भेजा गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन तीनों से पूछताछ के जरिए घटना से जुड़ी कई कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जाएगी।

क्या है पूरा मामला और पुलिस का आरोप?

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरा विवाद जंतर-मंतर पर किए गए एक प्रदर्शन के दौरान नियमों को ताक पर रखने से जुड़ा है। पुलिस का कहना है कि इन नेताओं पर सरकारी आदेशों की अनदेखी करने का आरोप है, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के दायरे में आता है। इसके साथ ही, उन पर यह भी आरोप लगाया गया है कि वे जंतर-मंतर तक पहुंचने के दौरान बिना अनुमति के किसी दूसरे व्यक्ति की निजी संपत्ति में घुस गए थे (यानी ट्रेपासिंग का मामला)।

प्रशासन का तर्क है कि तय नियमों और सरकारी पाबंदियों का पालन किए बिना इस तरह से आगे बढ़ना कानून के खिलाफ है। इसी बात की गहराई से छानबीन करने के लिए क्राइम ब्रांच ने अब मोर्चा संभाला है।

आगे क्या होगा?

अब आज सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जब ये तीनों नेता क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचेंगे, तो पुलिस के सवालों का वे क्या जवाब देते हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई क्या मोड़ लेगी, यह आज की पूछताछ के बाद ही साफ हो पाएगा।

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