
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुक्रवार को भीलवाड़ा देशभक्ति के रंग में रंग गया। जिले के सभी स्कूलों में सुबह 10.15 बजे एक साथ वंदेमातरम गीत गाया गया। 3500 स्कूलों में एक साथ वंदेमातरम गान से माहौल देशभक्तिमय हो गया। इसके अलावा प्रभात फेरियों, साइकिल और बाइक रैली, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रदर्शनी और राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन से शहर का हर कोना वंदे मातरम् के जयघोष से गूंज उठा।
जिला प्रशासन व जनसंपर्क विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नगर निगम सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम हुआ। इसकी शुरुआत विधायक अशोक कोठारी, कलक्टर जसमीत सिंह संधू व जनप्रतिनिधियों ने किया। प्रदर्शनी का अवलोकन कर उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल गीत नहीं, राष्ट्रभावना और स्वतंत्रता संघर्ष की आत्मा है। सुबह छह बजे कलक्ट्रेट से राजेन्द्र मार्ग तक प्रभात फेरी और पुलिस लाइन तक दौड़ व बाइक रैली निकाली गई। विद्यार्थियों ने हाथों में तिरंगा थामे भारत माता की जय” के नारे लगाए। राजेन्द्र मार्ग विद्यालय में शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की। नगर निगम सभागार में विद्यार्थियों के देशभक्ति गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों ने समां बांधी। भीलवाड़ा साइकिल क्लब की ओर से साइकिल से संदेश हमारा, वंदे मातरम् गीत प्यारा थीम पर साइकिल रैली निकाली गई। वरिष्ठ नागरिकों से लेकर बच्चों तक सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे मार्ग में वंदे मातरम्” और “जय भारत” के नारों से वातावरण गूंजता रहा। जिले के चिकित्सा संस्थानों में भी राष्ट्रगीत गूंजा। सीएमएचओ डॉ. रामकेश गुर्जर ने बताया कि सभी अस्पतालों व कार्यालयों में राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन हुआ और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया। सेठ मुरलीधर मानसिंहका राजकीय कन्या महाविद्यालय में एनएसएस के तत्वावधान में सामूहिक गान हुआ। प्राचार्य प्रो. सावन कुमार जांगिड़ ने कहा कि वंदे मातरम् हमारी एकता, मातृभूमि और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। भारत विकास परिषद ने इस अवसर पर ‘वंदे मातरम्’ का हिंदी भावार्थ जारी कर इसे जन-जन तक पहुंचाने की मुहिम शुरू की।