अहमदाबाद शहर के वटवा क्षेत्र आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए बनाए गए 514 मकानों को बिना उपयोग के ही तोड़ा जाएगा। करोड़ों रुपए के खर्च से तैयार इन मकानों की स्ट्रेक्चर स्टेबिलिटी रिपोर्ट नेगेटिव आने के कारण महानगरपालिका ने इन सभी ईडब्ल्यूएस मकानों को तोडऩे का निर्णय किया है।
अहमदाबाद शहर के वटवा क्षेत्र आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए बनाए गए 514 मकानों को बिना उपयोग के ही तोड़ा जाएगा। करोड़ों रुपए के खर्च से तैयार इन मकानों की स्ट्रेक्चर स्टेबिलिटी रिपोर्ट नेगेटिव आने के कारण महानगरपालिका ने इन सभी ईडब्ल्यूएस मकानों को तोडऩे का निर्णय किया है।
वटवा इलाके में वर्ष 2011 के दौरान बनाए गए इन मकानों की स्थिति बिना उपयोग के ही जर्जरित हो गई है। मकान बनने के 15 वर्ष तक इनमें कोई रहने नहीं आया। ये सभी मकान अभी भी खाली अवस्था में हैं। यहां के एक नागरिक ने बताया कि फिलहाल इन आवासों में कोई नहीं रहता है और जिस किसी को आवंटित किया गया है, वे भी अभी तक रहने नहीं आए हैं। इन मकानों की रिपोर्ट की गई है, जो ठीक नहीं आई है।गौरतलब है कि शहर के हाटकेश्वर स्थित फ्लाई ओवर ब्रिज को भी मनपा ने तोडकऱ नया बनाने का निर्णय किया है।
महानगरपालिका के स्टेंडिंग कमेटी के चेयरमैन देवांग दाणी के अनुसार वटवा में 15 से 17 वर्ष पूर्व ईडब्लूएस के अंतर्गत बनाए गए मकानों की स्ट्रेक्चर स्टेबिलिटी रिपोर्ट करवाई गई थी, जो नेगेटिव आई है। इसके कारण इन सभी मकानों को तोड़ा जाएगा। इन सभी मकानों की स्थिति अच्छी नहीं है। मकानों को तोडऩे के बाद इस जगह पर नए मकान बनाने पर विचार विमर्श किया जाएगा।