भणियाणा क्षेत्र के रातडिय़ा गांव में सोमवार को एक युवक की ओर से आत्महत्या करने के बाद परिजनों, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी आरएलपी कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने फलोदी जिले के मतोड़ा पुलिस पर युवक को परेशान करने का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर शव उठाने से इनकार कर दिया।
भणियाणा क्षेत्र के रातडिय़ा गांव में सोमवार को एक युवक की ओर से आत्महत्या करने के बाद परिजनों, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी आरएलपी कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने फलोदी जिले के मतोड़ा पुलिस पर युवक को परेशान करने का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर शव उठाने से इनकार कर दिया। धरना मंगलवार की देर शाम तक भी जारी रहा। गौरतलब है कि रातडिय़ा निवासी 20 वर्षीय युवक दूदाराम पुत्र खेमाराम ने सोमवार को एक टांके में कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की ओर से आत्महत्या करने से पूर्व राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी आरएलपी के संयोजक व सांसद हनुमान बेनिवाल के नाम एक पत्र भी लिखा गया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें उसने फलोदी जिलांतर्गत मतोड़ा पुलिस व थानाधिकारी, गीगाला जोधपुर निवासी एक युवक आदि पर धमकियां देने का आरोप लगाया है। जिससे परेशान होकर वह आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहा है। आत्महत्या के बाद सोमवार शाम उसका शव टांके में मिला। परिजन उसे बाहर निकालकर भणियाणा अस्पताल लेकर आए। पुलिस ने शव भणियाणा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
युवक के आत्महत्या करने एवं आरएलपी संयोजक बेनिवाल को लिखे पत्र की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को सुबह परिजनों के साथ बड़ी संख्या में आरएलपी कार्यकर्ता व ग्रामीण एकत्रित हुए। थानसिंह डोली, बृजेन्द्र चौधरी, भूराराम देहङु, भंवराराम चौधरी आदि के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अस्पताल में मोर्चरी के बाहर धरना शुरू कर दिया। साथ ही मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने, पत्र के अनुसार मतोड़ा पुलिस व आत्महत्या के लिए परेशान करने के आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। मंगलवार देर शाम तक भी धरना जारी था।
मृतक युवक आरएलपी का कार्यकर्ता था। साथ ही बेनिवाल का समर्थक था। उसने अपने सीने पर बेनिवाल का चित्र भी उकेर रखा था। युवक के आत्महत्या की जानकारी मिलने पर नागौर सांसद हनुमान बेनिवाल ने एक्स पर पोस्ट कर इस संबंध में सरकार से कार्रवाई की मांग भी की है।