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Andhra Pradesh : मुख्यमंत्री ने आशा कार्यकर्ताओं के लिए ग्रेच्युटी, सवैतनिक मातृत्व अवकाश और सेवानिवृत्ति की आयु में बढ़ोतरी को दी मंजूरी

उन्होंने पात्र स्वास्थ्य कर्मियों की पहली दो डिलीवरी के लिए 180 दिनों के सवैतनिक मातृत्व अवकाश के विस्तार को मंजूरी दे दी। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि नायडू ने आशा कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 कर दी है।

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Mar 01, 2025

Andhra Pradeshअमरावती . Andhra Pradesh के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा) के लिए बड़ी घोषणा की है। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को ग्रेच्युटी के भुगतान, सवैतनिक मातृत्व अवकाश और सेवानिवृत्ति की आयु में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आशा कार्यकर्ताओं को ग्रेच्युटी भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आशा कार्यकर्ता लोगों और स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करती हैं।

शनिवार को एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि 30 साल की सेवा करने वाली प्रत्येक आशा (कार्यकर्ता) को 1.50 लाख रुपये का सेवानिवृत्ति लाभ दिया जाएगा। इसमें कहा गया है कि 42,752 कार्यकर्ता सीएम के फैसलों से लाभान्वित होंगे।

सेवानिवृत्ति अब 62 वर्ष में

उन्होंने पात्र स्वास्थ्य कर्मियों की पहली दो डिलीवरी के लिए 180 दिनों के सवैतनिक मातृत्व अवकाश के विस्तार को मंजूरी दे दी। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि नायडू ने आशा कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 कर दी है।

केंद्रीय मंत्री ने आशा कार्यकर्ताओं के मुद्दों को केंद्र के समक्ष उठाने का दिया आश्वासन

केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने शनिवार को कहा कि मानदेय में वृद्धि और सेवानिवृत्ति लाभ के प्रावधान की मांग को लेकर केरल में विरोध प्रदर्शन कर रही आशा कार्यकर्ताओं की मांगों से केंद्र सरकार को अवगत कराएंगे।

सचिवालय के सामने विरोध स्थल का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री गोपी ने कहा कि उनके आंदोलन को कम नहीं आंका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक विचारधारा की सहकारी प्रणाली को अंतत: खारिज करके उसे कमतर नहीं आंकना चाहिए। कई राजनीतिक प्रणालियों ने लोगों को नुकसान पहुंचाया है और उन सभी को सामने लाया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर आशा (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता) कार्यकर्ता असुरक्षित महसूस करती हैं, तो वह इस मामले को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के सामने उठाएंगे।

Published on:
01 Mar 2025 06:04 pm
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