बचई स्थित महाकौशल शुगर मिल परिसर में स्थित इथेनॉल प्लंाट में सोमवार की रात करीब एक-डेढ़ बजे दर्दनाक हादसा हो गया। प्लांट में कार्य कर रहे दो श्रमिकों के ऊपर एक भारी वजनी टैंक गिरा तो दोनों श्रमिकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
A heavy tank fell upon two laborers नरसिंहपुर. जिले के ग्राम बचई स्थित महाकौशल शुगर मिल परिसर में स्थित इथेनॉल प्लांट में सोमवार की रात करीब एक-डेढ़ बजे दर्दनाक हादसा हो गया। प्लांट में कार्य कर रहे दो श्रमिकों के ऊपर एक भारी वजनी टैंक गिरा तो दोनों श्रमिकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटनास्थल का पुलिस, राजस्व एवं श्रम विभाग की टीम ने निरीक्षण किया है, जांच के लिए उपसंचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को भी पत्राचार किया जा रहा है। मुंगवानी पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया है।
घटना में बताया जाता है कि सोमवार की रात प्लंाट में ग्राम खापा शेढ़ निवासी जगदीश पिता लेखराम यादव 32 वर्ष व सिलवानी निवासी पवन पिता परषोत्तम ठाकुर 30 वर्ष रोजाना की तरह कार्य कर रहे थे। रात करीब एक-डेढ़ बजे अचानक प्लांट का डीडीएस टैंक जिससे मक्के से इथेनॉल बनाने के बाद जो भूसी निकलती है वह टैंक के जरिए गिरती है और दोनों श्रमिक उसको बोरे में भर रहे थे, कि अचानक टैंक उनके ऊपर गिरा तो दोनों बुरी तरह घायल हुए जिनको प्लांट प्रबंधन की ओर से जिला अस्पताल लाया गया, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। मंगलवार को दोनों शवों का अस्पताल में परीक्षण हुआ। जिसके परिजन शवों को अंतिम संस्कार के लिए अपने-अपने गांव ले गए।
परिवार का इकलौता था जगदीश
घटना के प्रत्यक्षदर्शी व मृतक जगदीश के चचेरे भाई कमलेश ने बताया कि प्लांट में करीब एक सप्ताह से मशीन में तकनीकी खराबी बनी हुई थी और लगातार मरम्मत का काम चल रहा था। हादसे के समय भी मशीन पर काम जारी था, तभी अचानक टैंक गिर गया। उन्होंने बताया कि जगदीश ने महज तीन महीने पहले ही नौकरी शुरू की थी और वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, जिसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं मृतक पवन की बहन राजकुमारी ने बताया कि उसे सुबह ही घटना की जानकारी रिश्तेदारों से मिली। पवन करीब एक माह से प्लंाट में कार्य कर रहा था, उसके दो बच्चे हैं। पुलिस ने बताया कि हादसा कैसे हुआ, क्या वजह रहीं इसकी जांच हो रही है।
प्रबंधन ने कहा अचानक हुई घटना, पीडि़त परिवारों को दो-दो लाख
वहीं प्लंाट प्रबंधन की ओर से एके श्रीवास्तव ने बताया कि घटना अचानक हुई जिससे अफरा-तफरी मर्च गई। जेसीबी व अन्य मशीनों की मदद से टैंक को हटाकर घायलों को अस्पताल लेकर गए। दोनों मृतकों के परिवार को तत्काल 25-25 हजार रुपए की सहायता देने के बाद एमडी की ओर से दो-दो लाख रुपए की राशि दी गई है। परिवारों को अन्य माध्यमों से भी आर्थिक सहायता राशि दिलाई जाएगी।
वर्जन
मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू हो गई है, रात को ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित आरोप नहीं लगाए गए हैं। जांच प्लांट में जो बॉयो प्रोडक्ट निकलता है उसके लिए जो टैंक होता है वही गिरने से मौत हुई है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
संदीप भूरिया, एएसपी नरसिंहपुर
प्लांट का निरीक्षण किया था लेकिन वहां कोई हेड अर्थारिटी नहीं मिली। मामले में मृत श्रमिकों को नियमानुसार सहायता राशि दिलाने कार्रवाई होगी। उपसंचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जबलपुर को पत्र लिखा गया है वहां की टीम भी जांच करेगी।
दामिनी सिंह, श्रम पदाधिकारी नरसिंहपुर
घटना की जानकारी लगते ही नायब तहसीलदार व आरआइ की टीम मौके पर गई थी, मामले में पुलिस की ओर से कार्रवाई हो रही है। नायब की ओर से जो प्रतिवेदन मिलेगा उसके आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
मणिंद्र सिंह, एसडीएम नरसिंहपुर