जिला स्तर पर पुलिस, चिकित्सा विभाग, नगर परिषद, प्रशासन व सिविल सोसायटी की संयुक्त टीम करे निगरानी, नागरिक सुरक्षा मंच ने पुलिस महानिदेशक को शिकायत भेजकर कार्रवाई की लगाई गुहार, जल्दी जिला प्रशासन व पुलिस शुरू करेगी जांच अभियान
हनुमानगढ़. जिला मुख्यालय से लेकर कस्बों तक में घंटे के हिसाब से कैबिन-कमरे उपलब्ध करवाने वाले संदिग्ध कैफे एवं होटलों के खिलाफ पुलिस मुख्यालय तक शिकायत भिजवाई गई है। नागरिक सुरक्षा मंच हनुमानगढ़ ने पुलिस महानिदेशक यूआर साहू को भिजवाई शिकायत में थोक के भाव खुलते संदिग्ध कैफे व होटल की नियमित निगरानी व कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं जिला कलक्टर कानाराम एवं जिला पुलिस अधीक्षक हरी शंकर ने भी मापदंडों की अवहेलना कर संचालन और वहां संदिग्ध गतिविधियां करवाने वाले होटल व कैफे पर कार्रवाई की बात कही है। इसके लिए पुलिस व जिला प्रशासन के साथ अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम बनाकर जल्दी कार्रवाई होगी। नागरिक सुरक्षा मंच संयोजक एडवोकेट शंकर सोनी ने बताया कि मंच ने भी जिला एवं उपखंड स्तर पर पुलिस, चिकित्सा विभाग, नगर परिषद, प्रशासन व सिविल सोसायटी की संयुक्त टीम गठित कर निगरानी करने व नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई करने की सुझाव मिश्रित मांग की है। साथ ही यह भी मांग की गई है कि होटल व कैफे संचालित करने वालों का भी पूरा रेकॉर्ड रखा जाए ताकि किसी तरह की वारदात होने पर उसे पकड़ा जा सके। यह तत्काल सामाजिक और कानूनी महत्व का मामला है। नाबालिग लड़कियों को शोषण से बचाया जाए।
नागरिक सुरक्षा मंच ने पुलिस महानिदेशक को भेजी शिकायत में बताया कि क्षेत्र में कथित होटल, कैफे आदि अधिकांशत: वैध पुलिस एनओसी और उचित लाइसेंस के बिना संचालित हो रहे हैं। इनमें नाबालिग स्कूल और कॉलेज जाने वाली लड़कियों की संदिग्ध उपस्थिति, नशीले पदार्थों की सेवा व उनके प्रभाव में यौन शोषण और दुव्र्यवहार जैसे अपराध होते हैं। यह गतिविधियां न केवल सामाजिक और नैतिक मूल्यों को कमजोर करती हैं, बल्कि भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) और पोक्सो अधिनियम के तहत अपराधों का भी सीधा उल्लंघन करती हैं।
गौरतलब है कि अजमेर के विजयनगर स्थित कैफे में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण व अश्लील वीडियो बनाने का मामला सामने आने के बाद बहुत हंगामा हुआ था। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने कैफे संबंध में आदेश भी जारी किया था। इसके तहत कैफे में बंद कैबिन नहीं बना सकते। नागरिक व राजनीतिक संगठनों को भी संदिग्ध होटल व कैफे की निगरानी बढ़ाने को लेकर सरकारी तंत्र पर दबाव बढ़ाना चाहिए।