
कटनी. कटनी-बीना तीसरी लाइन बिछाना बीना-सागर-दमोह-कटनी रुट के यात्रियों के लिए सिरदर्द बन गया है। छह साल पहले शुरू किया गया 263 किलोमीटर की लाइन का काम आज तक पूरा नहीं हो सका, जिससे आए दिन ट्रेनों को रद्द तो कई ट्रेन को डायवर्ट करके चलाया जा रहा है। इस रूट पर कटनी से प्रतिदिन सफर करने वाले करीब दो हजार से ज्यादा यात्री रोजाना परेशान होते हैं।
जानकारी के अनुसार कटनी से बीना के बीच 263 किलोमीटर तीसरी रेल लाइन डालने की स्वीकृति 25 मई 2016 को मिली थी। इसके बाद 2017-18 में लाइन डालने के लिए एमओयू साइन कर काम शुरू हुआ था, जिसे मार्च 2022 तक पूरा किया जाना था, लेकिन कटनी-दमोह के बीच पहाड़ी क्षेत्र में काम को गति नहीं मिल सकी और समय पर काम पूरा नहीं हो सका। इसके बाद काम को पूरा करने के लिए दो साल की समय-सीमा बढ़ाकर 30 जून 2024 तक कर दी, लेकिन यह समयावधि भी निकल गई है और कई जगहों पर काम अभी भी बाकी है। वर्तमान में दमोह के पास इंटरलॉकिंग व नॉन इंटरलॉकिंग का काम किया जा रहा है, जिससे दर्जनों ट्रेनों को निरस्त किया गया है। वहीं, कई ट्रेनों को अलग-अलग दिनों में डायवर्ट करके चलाया जा रहा है और यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
2022 में पूरा होना था काम, 2024 में भी उम्मीद नहीं
रेलवे ने 2017 में तीसरी लाइन का टेंडर पास कर दिया था। 2022 तक 263 किमी लंबी रेलवे लाइन का काम पूरा करने का टाइम दिया था, लेकिन 2024 आधा निकलने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में 2024 तक काम पूरा होने की भी उम्मीद नहीं है। रेलवे के अनुसार 2020-2021 में कोविड के दौरान काम बंद रहा, जिससे काम में देरी हुई। इसके अलावा सलैया और सगोनी के बीच पहाड़ कटने का काम होने के कारण भी बताए गए। जिसके चले दो एक्सटेंशन ठेकेदार को दिए जा चुके हैं। आखिरी एक्सटेंशन मई 2024 तक का ही था।
अभी यहां हुआ है कार्य पूरा
कटनी से घटेरा तक तीसरी लाइन मालगाडिय़ों के लिए इसी साल शुरू कर दी गई थी। इसके बाद बांदकपुर से दमोह भी शुरू हुई, लेकिन अब भी घटेरा से बांदकपुर के बीच का करीब 15 किमी का काम होना शेष है। इसी तरह दमोह से गिरवर तक काम जोरों से चल रहा हैं। इसके आगे बीना तक काम पूरा होना बताया जाता है।
फैक्ट फाइल
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यह हो रही समस्या, ट्रेनों की थम रही रफ्तार
कटनी-बीना रेलवे लाइन पर रोजाना 70 से अधिक यात्री ट्रेनें और करीब 100 मालगाडिय़ांं रोजाना आवागमन करती हैं। ऐेसे में दोहरी लाइन पर ट्रैफिक अधिक होने से ट्रेनों को घंटों यहां-वहां खड़े रखना होता है। रोजाना कटनी, दमोह, सागर, बीना स्टेशन से 25 हजार से अधिक यात्री यात्रा करते हैं। ऐसे में इन्हें परेशान होना पड़ रहा है। कटनी-बीना रूट पर ट्रेन के आते ही उसकी रफ्तार धीमी हो जाती है। कटनी से दमोह का 130 किमी. का सफर दो से तीन घंटे में पूरा हो रहा है। तीसरी लाइन का काम शुरू होने के बाद से कभी भी कोई भी पैसेंजर ट्रेन कटनी से बीना के बीच समय से नहीं पहुंची।
रेलवे और यात्रियों को होगा यह फायदा
थर्ड लाइन का कार्य पूरा होने से पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी। इसी तरह बीना-कटनी रेलखंड पश्चिम मध्य रेलवे का महत्वपूर्ण रूट है। इस मार्ग से बड़े-बड़े पावर हाऊस के लिए कोयला उपलब्ध कराया जाता है। इसी रूट पर सबसे एक दिन में 100 से अधिक मालगाडिय़ां निकलती हैं। रेलवे को कोयला ढुलाई से सबसे अधिक मालभाड़ा इसी रूट से मिलता है। तीसरी लाइन बनने के बाद इस मार्ग पर यातायात सुगम हो जाएगा।