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स्वस्थ मां, सुरक्षित शिशु से ही मजबूत होगी आजादी की नींव

उदयपुर

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Newsdesk

Aug 14, 2026

Rajasthan

B- मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मिले प्राथमिकता, गर्भावस्था से जन्म और बचपन तक बेहतर चिकित्साB
B-सुरक्षा पहुंचाना बने स्वस्थ भारत का संकल्प B


Bउदयपुर.B स्वतंत्रता दिवस हमें उन सेनानियों के त्याग और संघर्ष की याद दिलाता है, जिन्होंने आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। आज उस स्वतंत्रता को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी हमारी है। एक राष्ट्र का भविष्य उसकी आने वाली पीढ़ी से तय होता है और उस पीढ़ी की पहली नींव मां के स्वास्थ्य से पड़ती है। इसलिए स्वस्थ मां और सुरक्षित शिशु केवल परिवार की आवश्यकता नहीं, बल्कि सशक्त भारत के निर्माण की पहली शर्त है।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य की चिंता बच्चे के जन्म के बाद नहीं, बल्कि गर्भावस्था से ही शुरू हो जाती है। गर्भवती महिला को समय पर जांच, पर्याप्त पोषण, आवश्यक टीकाकरण और चिकित्सकीय परामर्श मिले तो कई जोखिमों की समय रहते पहचान संभव है। सुरक्षित प्रसव के साथ जन्म के बाद शिशु की नियमित निगरानी भी उतनी ही आवश्यक है। हमें ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिसमें आर्थिक या भौगोलिक परिस्थितियां किसी मां और बच्चे की चिकित्सा में बाधा नहीं बनें।

Bसमय पर उपचार भी जरूरीB
आज चिकित्सा विज्ञान ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा की हैं। आधुनिक जांच, नवजात की देखभाल और गंभीर परिस्थितियों में विशेषज्ञ उपचार से अनेक जीवन बचाए जा सकते हैं। लेकिन तकनीक की वास्तविक सफलता तभी है, जब जरूरत के समय मरीज को उसका लाभ मिले। गांव से शहर तक मजबूत रेफरल व्यवस्था और समय पर विशेषज्ञ उपचार इस दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी है।

Bमां की सेहत पूरे परिवार की ताकतB
महिला अक्सर परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए स्वयं की सेहत को पीछे रख देती है। यह सोच बदलनी होगी। एनीमिया, कुपोषण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान जरूरी है। एक स्वस्थ महिला न केवल स्वयं बेहतर जीवन जीती है, बल्कि स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज की आधारशिला भी बनती है।
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Bहर जन्म सुरक्षित हो, हर बचपन स्वस्थ होB
इस स्वतंत्रता दिवस पर हमारा संकल्प होना चाहिए कि हर गर्भवती को सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा मिले, हर प्रसव सुरक्षित हो और प्रत्येक शिशु को स्वस्थ जीवन की शुरुआत मिले। मातृ और शिशु मृत्यु के जोखिम को कम करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही हमारी जिम्मेदारी है। जब देश की माताएं स्वस्थ और बच्चे सुरक्षित होंगे, तभी स्वतंत्र भारत की आने वाली पीढ़ी अधिक स्वस्थ, सक्षम और सशक्त होगी।

डॉ. आर.एल. सुमन

अधीक्षक, एमबी हॉस्पिटल, उदयपुर