समाचार

Modak : नए भवन के लिए बजट स्वीकृति का इंतजार, जर्जर में कर रहें उपचार

कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तीन दशक पुराने भवन को विभाग ने जर्जर घो​षित कर दिया। नया भवन बनने के लिए अभी बजट मिला नहीं। चिकित्सक दो सौ मरीजों का उपचार प्रतिदिन कर रहे हैं। ऐसे में कभी बड़ा हादसा हो सकता है। भवन के अ​धिकांश कमरे बंद है। जिनकी दीवारों से पत्थर गिरते […]

less than 1 minute read
Feb 13, 2026

कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तीन दशक पुराने भवन को विभाग ने जर्जर घो​षित कर दिया। नया भवन बनने के लिए अभी बजट मिला नहीं। चिकित्सक दो सौ मरीजों का उपचार प्रतिदिन कर रहे हैं। ऐसे में कभी बड़ा हादसा हो सकता है। भवन के अ​धिकांश कमरे बंद है। जिनकी दीवारों से पत्थर गिरते रहते हैं। फिलहाल एक ही कमरे में चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं।

गुरुवार को फिर से एक कमरे की दीवार से पत्थर भरभरा कर गिर गए, जहां कोई चोटिल नहीं हुआ। जबकि इसके पास से मरीजों को आना-जाना पड़ता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी प्रकार दीवारें और छतें टूटती रहीं तो कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है।

कमरों को खाली कराया, मुख्य द्वार बंद

सुरक्षा के मद्देनजर जिन चार कमरों में पहले स्टाफ बैठता था, उन्हें खाली कर अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया है। मुख्य प्रवेश द्वार को भी बंद कर मरीजों के लिए वैकल्पिक रास्ता बनाया है। इसके बावजूद जर्जर भवन के गिरने का खतरा बना हुआ है। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीज प्रतिदिन भय के माहौल में सेवाएं लेने को मजबूर हैं।

जर्जर बिल्डिंग के नवनिर्माण के लिए सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। नए भवन के लिए सात करोड़ 85 लाख का प्रस्ताव भेजा, जिसके जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। जर्जर कमरों और ऐसे स्थानों को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है।
- डॉक्टर राजेंद्र मीणा, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी

Published on:
13 Feb 2026 10:16 pm
Also Read
View All

अगली खबर