Mohini Ekadashi Vrat: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को आत्मशुद्धि और भक्ति का विशेष दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से व्रत रखने पर पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। लेकिन व्रत के दौरान छोटी-सी लापरवाही भी आपके पूरे दिन की साधना को प्रभावित कर सकती है।
Mohini Ekadashi Date: 27 अप्रैल को पड़ने वाली मोहिनी एकादशी का व्रत इस बार बेहद खास और पुण्यदायी माना जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु के मोहिनी रूप की पूजा करने से जीवन के पाप नष्ट होते हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है। लेकिन इस व्रत के नियम बेहद सख्त होते हैं, जहां छोटी सी गलती भी पूरे व्रत का फल खत्म कर सकती है। ऐसे में सही खान-पान और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि आपकी तपस्या सफल हो सके।
इस वर्ष मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi) 27 अप्रैल 2026, सोमवार को मनाई जाएगी। पूजा के लिए सुबह 09:02 से 10:40 तक का समय शुभ माना गया है। व्रत का पारण अगले दिन 28 अप्रैल को सुबह 05:43 से 08:21 के बीच करना उचित रहेगा।
एकादशी के दिन चावल का सेवन पूरी तरह वर्जित माना जाता है। इसके अलावा गेहूं, जौ, मक्का और दालों से भी दूरी बनाना जरूरी है। ये सभी चीजें व्रत की शुद्धता को भंग कर सकती हैं।
प्याज और लहसुन को तामसिक माना गया है, जो मन में आलस्य और नकारात्मकता ला सकते हैं। इसलिए इस दिन सात्विक भोजन ही करें।
शहद, बैंगन, सेम और कुछ पत्तेदार सब्जियों से भी बचना चाहिए। यह नियम कम लोगों को पता होता है, लेकिन शास्त्रों में इसका विशेष उल्लेख है।
इस दिन शरीर ही नहीं, मन और वाणी की भी पवित्रता जरूरी होती है। मांस, शराब, क्रोध और नकारात्मक सोच से दूर रहना ही व्रत का सही पालन है।
व्रत के दौरान फलाहार सबसे उत्तम माना गया है। आप केले, सेब, अंगूर जैसे ताजे फलों का सेवन कर सकते हैं। दूध, दही, पनीर और मखाने भी अच्छे विकल्प हैं। कुट्टू, सिंघाड़ा या राजगिरा के आटे से बनी पूड़ी या हलवा खा सकते हैं। साबूदाना खिचड़ी और खीर भी व्रत में लोकप्रिय हैं। साथ ही आलू, शकरकंद और कद्दू जैसी सब्जियां भी खाई जा सकती हैं।