रामकृष्ण आश्रम के तत्कालीन सचिव सुप्रदिप्तानंद स्वामी को डिजिटल अरेस्ट कर 2.52 करोड की साइबर ठगी में शामिल जालसाजों का मोहरा धार से पुलिस के हाथ आया है। उसने ठगी के पैसों को खपाने के लिए फर्म के नाम से आइसीआइसीआइ बैंक में चालू खाता खुलवाया था। ठगी का राज खुला तो फरेबी फोन बंद […]
रामकृष्ण आश्रम के तत्कालीन सचिव सुप्रदिप्तानंद स्वामी को डिजिटल अरेस्ट कर 2.52 करोड की साइबर ठगी में शामिल जालसाजों का मोहरा धार से पुलिस के हाथ आया है। उसने ठगी के पैसों को खपाने के लिए फर्म के नाम से आइसीआइसीआइ बैंक में चालू खाता खुलवाया था। ठगी का राज खुला तो फरेबी फोन बंद कर अंडरग्राउंड हो गया 11 महीने बाद उसकी लोकेशन पता चली तो पुलिस उसे उठा लाई। उससे ठगी में कमाया 3 लाख रुपया भी मिला है।
स्वामी सुप्रिदिप्तानंद को साइबर ठगों ने पिछले साल 16 अप्रैल को डिजिटल अरेस्ट किया था। उन्हें मनी लॉड्रिंग केस में आरोपी बताकर ठगों ने आश्रम के तीन खातों में जमा 2.52 करोड रुपया ऑनलाइन लूटा था। ठगी की रकम को रकम खपाने में गोदीखेड़ा, धार निवासी मुकेश पुत्र राम धाकड भी शामिल था। साइबर सेल निरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह कुशवाह ने बताया मुकेश इस धंधे में शामिल होने से पहले लोकल न्यूज चैनल चलाता था। लेकिन उसमें घाटा हो गया तो उसने खबरों का कारोबार बंद कर ठगों से हाथ मिलाया। आइसीआइसीआइ बैंक में मां यक्ष एंटरप्राइजेज के नाम से चालू खाता खोला। स्वामी सुप्रदिप्तानंद से रकम लूट कर साइबर ठगों ने मुकेश धाकड़ के इसी खाते में 11 लाख रुपए जमा किए थे।
बोला दोस्त ने बनवाया ठगों का एजेंट
आरोपी मुकेश ने पूछताछ में खुलासा किया साइबर ठगी के धंधे का रास्ता उसे देवास निवासी दोस्त राजा खान ने दिखाया है। राजा का सरहद पार बैठे साइबर ठगों से लिंक है। उसने ही ठगी रकम के लिए खाता खुलवाने के एवज में 50 प्रतिशत कमीशन की डील की थी। स्वामी सुप्रिदिप्तानंद से ऐंठी रकम उसके चालू खाते में आई थी। इसमें 8 लाख रुपया उसने विड्राल किया था बाकी रकम राजा खान ने आगे बढाई थी। हिस्से में आए पैसे में उसने और राजा खान ने 4-4 लाख रुपया बांटा था।