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PATRIKA PODCAST : सम्प्रेषण है आत्मा का विषय

सम्प्रेषण में गति है, प्राणवान् तत्त्व है। शरीर से किया गया सम्प्रेषण जड़ होता है। चेतना के योग से किया गया सम्प्रेषण चेतन होता है।

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Gulab Kothari Articles : स्पंदन : सम्प्रेषण है आत्मा का विषय : सम्वाद की अनिवार्यता है कि केवल मन से ही किया जाए- शरीर या बुद्धि से नहीं। पूर्ण मनोयोग से किया सम्वाद ही श्रोताओं को बांधकर रख सकता है। वैसे, शरीर-मन-बुद्धि तो सम्वाद के साधन मात्र हैं। सम्वाद तो आत्मा से चलता है अत: आत्मा तक ही पहुंचना चाहिए। वरना, बीच में ही खो जाएगा, जीवन के साथ नहीं जुड़ पाएगा।