18 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

PATRIKA PODCAST : सम्प्रेषण है आत्मा का विषय

सम्प्रेषण में गति है, प्राणवान् तत्त्व है। शरीर से किया गया सम्प्रेषण जड़ होता है। चेतना के योग से किया गया सम्प्रेषण चेतन होता है।

less than 1 minute read
Google source verification

Gulab Kothari Articles : स्पंदन : सम्प्रेषण है आत्मा का विषय : सम्वाद की अनिवार्यता है कि केवल मन से ही किया जाए- शरीर या बुद्धि से नहीं। पूर्ण मनोयोग से किया सम्वाद ही श्रोताओं को बांधकर रख सकता है। वैसे, शरीर-मन-बुद्धि तो सम्वाद के साधन मात्र हैं। सम्वाद तो आत्मा से चलता है अत: आत्मा तक ही पहुंचना चाहिए। वरना, बीच में ही खो जाएगा, जीवन के साथ नहीं जुड़ पाएगा।