समाचार

बिना फोन बजे ही सुनाई दे रही फोन की घंटी

परिवार, दोस्तों या रिश्तेदारों के बीच बैठकर क्या आपको भी अचानक ऐसा अहसास होता है कि जेब में फोन बज रहा है या वाइब्रेट हो रहा जबकि न कोई कॉल आ रहा है और न ही कोई मैसेज। अधिकतर लोगों को काम के बीच, नींद के समय या थोड़ी-थोड़ी देर में ऐसा आभास होता है कि उनका फोन बज रहा है।
2 min read
• •
Updated: 8 Jul 2024, 12:06 PM IST
Feature image

भीलवाड़ा. परिवार, दोस्तों या रिश्तेदारों के बीच बैठकर क्या आपको भी अचानक ऐसा अहसास होता है कि जेब में फोन बज रहा है या वाइब्रेट हो रहा जबकि न कोई कॉल आ रहा है और न ही कोई मैसेज। अधिकतर लोगों को काम के बीच, नींद के समय या थोड़ी-थोड़ी देर में ऐसा आभास होता है कि उनका फोन बज रहा है।

इस कारण वे बार-बार अपना फोन चेक करते रहते हैं। फोन नहीं बजने पर भी उन्हें रिंगटोन सुनाई देती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार इसे फैंटम वाइब्रेशन सिंड्रोम कहते हैं। इसमें व्यक्ति फोन से बिल्कुल भी दूर नहीं रह पाता। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की 2024 की रिपोर्ट्स के अनुसार फैंटम वाइब्रेशन सिंड्रोम से लोगों में एंग्जायटी डिसऑर्डर तेजी से बढ़ रहा है। इस अवस्था को टैक्टाइलहेलुसिनेशन कहते है, यानी ऐसी चीज को महसूस करना, जो असल में होती ही नहीं है। फोन का अधिक इस्तेमाल और उस पर बढ़ रही निर्भरता के कारण लोग इस सिंड्रोम का शिकार हो रहे हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

सुनाई देती कई अवाजें

चिकित्सकों का कहना है कि अस्पतालों के आउटडोर में रोजाना ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं। इसमें लोगों को पहले केवल फोन आने का आभास होता था, लेकिन इस विकार ने गंभीर रूप ले लिया। उन्हें ओवर विजलेंस की समस्या होने लगी। यानी ऐसी बीमारी जिसमें छोटी-छोटी आवाजें जैसे (घड़ी, फ्रिज या कोई भी अन्य वाइब्रेशन) का सुनाई देना शामिल है।

मैसेज नहीं आने पर बेचैनी

आजकल काम के अलावा चाहे फ्री टाइम हो, खाने या सोने का समय हो, अधिकतर लोगों से फोन नहीं छूटता है। चार्जिंग के दौरान भी वे बीच-बीच में फोन देखते हैं। कार ड्राइव करते मैसेज चेक करते रहते हैं। मैसेज नहीं आने पर भी लगातार फोन चेक करते हैं। ऐसे में उनमें फेंटम वाइब्रेशन सिंड्रोम विकसित हो जाता है। कॉल या मैसेज नहीं आने पर अधिकतर लोगों को अजीब सी बेचैनी होने लगती है। बढ़ती फोन की लत के कारण अधिकतर लोग इस सिंड्रोम के शिकार हो रहे हैं।

Updated on:
8 Jul 2024, 12:06 PM IST
Published on: