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नरसिंहपुर जिले के नर्मदा तटों पर मकर संक्रांति स्नान को उमड़े श्रद्धालु, बरमान में सर्वाधिक भीड़

जिले के प्रमुख तीर्थ क्षेत्र बरमान रेत घाट, सीढ़ी घाट और सतधारा क्षेत्र में सुबह से अब तक हजारों श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं।

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जिले के प्रमुख तीर्थ क्षेत्र बरमान में सर्वाधिक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। नर्मदा के रेत घाट, सीढ़ी घाट और सतधारा क्षेत्र में सुबह से अब तक हजारों श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं।

नर्मदा के रेत घाट में संक्रांति मेला भी लगा हुआ है, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है


Makar Sankranti bath नरसिंहपुर. जिले के विभिन्न नर्मदा तटों पर मकर संक्रांति स्नान के लिए श्रद्धालुओं का लगातार आगमन जारी है। जिले के प्रमुख तीर्थ क्षेत्र बरमान में सर्वाधिक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। नर्मदा के रेत घाट, सीढ़ी घाट और सतधारा क्षेत्र में सुबह से अब तक हजारों श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। पर्व का धार्मिक महत्व बुधवार और गुरुवार 15 जनवरी तक रहने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु दोनों मुहूर्त के स्नान के लिए नर्मदा तट से लगे आश्रमों, धर्मशालाओं और घाटों के आसपास ठहरे हुए हैं।नर्मदा के रेत घाट में संक्रांति मेला भी लगा हुआ है, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन द्वारा चौकस प्रबंध किए गए हैं।

पर्व स्नान के लिए मंगलवार से ही लोगों को नर्मदा तटों की ओर पहुंचना शुरू हो गया, देर रात तक श्रद्धालु पैदल, निजी एवं अन्य वाहनों से भजन-संकीर्तन करते हुए नर्मदा तटों की ओर पहुंचते रहे। जिले के प्रमुख तीर्थ क्षेत्र बरमान में आज सर्वाधिक भीड़ रहेगी। रेतघाट मेला स्थल समेत सीढ़ीघाट, सतधारा क्षेत्र में सुबह से देर शाम तक स्नान, पूजन एवं भजन-संकीर्तन-भंडारे के कार्यक्रम होंगे। मेला क्षेत्र में लोगों की भीड़ को देखते हुए पुलिस का अमला सीसीटीपी एवं ड्रोन के जरिए सतत निगरानी करने में लगा है। नर्मदा के दोनों घाटों के अलावा प्रमुख मार्गो पर खासी निगरानी हो रही है।
जिले के प्रमुख तीर्थ क्षेत्र बरमान, सतधारा, रेतघाट में नरसिंहपुर, सागर, दमोह, रायसेन, छिंदवाड़ा समेत कई स्थानों से हजारों श्रद्धालुओं का संक्रांति स्नान के लिए आगमन होता है। जिसमें बहुत से श्रद्धालु एक दिन पहले ही यहां पहुंच चुके हैं और घाटों के आसपास बने मंदिरों, धर्मशालाओं में डेरा जमा लिया है। वहीं अधिकांश श्रद्धालुओं का आगमन मंगलवार की सुबह से देर रात तक जारी रहा। पुलिस ने नरसिंहपुर-सागर हाइवे क्रमांक 44 समेत बरमान में घाट तक पहुंचने मार्ग पर खासी निगरानी कर दी है। कोई वाहन घाट तक न पहुंच सके इसके लिए जगह-जगह बेरीकेटिंग की है। धर्मशालाओं की भी जांच हो रही है। जिससे कोई तत्व मौके का फायदा उठाकर घटनाओं को अंजाम न दे सके।
गोताखोरों व एसडीआरएफ दल को किया अलर्ट
एसपी डॉ. ऋषिकेश मीना, एएसपी संदीप भूरिया ने मेलाक्षेत्र में सक्रियता से निगरानी करने अमले को निर्देश दिए हैं। एसपी ने नर्मदा के दोनों घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए नौका संचालकों को भी निर्देश दिए कि वह क्षमता से अधिक लोगों को नौकाओं में न बिठाएं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए नर्मदा घाटों एवं मेला क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। संवेदनशील घाटों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। गोताखोरों एवं एसडीआरएफ दल को भी अलर्ट पर रखा गया है। मेला स्थल पर कंट्रोल रूम बनाया है। सीसीटीवी कैमरों एवं ड्रोन के माध्यम से भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल की अलग से तैनाती की गई है।
गहरे पानी में न जाएं, सुरक्षा बैरिकेड्स को पार न करें
वाहनों की पार्किंग के लिए स्थल निर्धारित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिक उपचार केंद्र एवं एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है। एसपी मीना ने मेला में आने वाले समस्त श्रद्धालुओं एवं आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों, भ्रामक संदेशों अथवा अपुष्ट सूचनाओं पर ध्यान न दें और न ही उन्हें आगे प्रसारित करें। किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल पुलिस या जिला प्रशासन के आधिकारिक माध्यमों से ही करें। गहरे पानी में न जाएं, सुरक्षा बैरिकेड्स को पार न करें। किसी भी आपात स्थिति में घबराएं नहीं और तत्काल तैनात पुलिसकर्मी, होमगार्ड या गोताखोर दल को सूचित करें। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें तथा अपने वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों में ही खड़ा करें। चोरों एवं उठाईगिरों से सतर्क रहें। अपने कीमती सामान, मोबाइल फोन, पर्स एवं आभूषणों की स्वयं सुरक्षा करें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम पुलिसकर्मी या डायल -112 को दें।

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