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मरम्मत का इंतजार: खुले नालों से हादसे का भय, कहीं टूटे ढक्कन तो कहीं झाडिय़ों का अंबार

पोकरण कस्बे में गली मोहल्लों से गंदे पानी की निकासी के लिए नगरपालिका की ओर से निर्माण करवाए गए अधिकांश बड़े नाले कई जगहों से खुले पड़े होने के कारण आए दिन न केवल पशुओं व वाहनों के गिरने की घटनाएं हो रही है, बल्कि इन खुले नालों से दुर्गंध के कारण बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।

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पोकरण कस्बे में गली मोहल्लों से गंदे पानी की निकासी के लिए नगरपालिका की ओर से निर्माण करवाए गए अधिकांश बड़े नाले कई जगहों से खुले पड़े होने के कारण आए दिन न केवल पशुओं व वाहनों के गिरने की घटनाएं हो रही है, बल्कि इन खुले नालों से दुर्गंध के कारण बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। गौरतलब है कि कस्बे में वर्षों पूर्व नगरपालिका की ओर से बड़े नालों का निर्माण करवाया गया था। निर्माण के बाद कुछ जगहों पर नालों को ढका गया, लेकिन सीमेंट के ढक्कन टूटकर बिखर जाने के कारण नाले पुन: खुले हो गए। कस्बे में कई नालों की लंबाई एक किलोमीटर से भी अधिक है और चौड़ाई दो से तीन फीट तक व गहराई पांच से आठ फीट तक है।

इनमें चांदप्रोल से वाया सालमसागर, सुभाष चौक होते हुए जैसलमेर रोड पुलिए तक, मंगलपुरा से वाया भवानीप्रोल होते हुए फलसूंड रोड तक, चौधरियों की गली से वाया सेवगों की गली होते हुए जोधपुर रोड तक, एको की प्रोल से जोधनगर होते हुए जोधपुर रोड तक, राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के पीछे से होकर जोधनगर तक और वार्ड नंबर दो व तीन में कोरियाबास में निर्मित नाले कस्बे के मुख्य नाले हैं। प्रत्येक नाले में तीन से पांच वार्डों से बहकर आने वाला गंदा पानी कस्बे के बाहर जाता है। इन नालों में कई नाले तो पूरे के पूरे खुले पड़े है तो कुछ नाले 50 से 80 प्रतिशत तक खुले पड़े हैं।

समय पर नहीं हो रही मरम्मत

कस्बे में निर्मित नाले कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो चुके है और इन पर भारी मात्रा में बबूल की झाडिय़ां लग जाने से इनकी सफाई किया जाना मुश्किल हो रहा है। इसी तरह कई बड़े नालों में यहां के वाशिंदों ने बिना नगरपालिका की स्वीकृति के अपने शौचालय के पाइप जोड़ दिए हैं। जिसके कारण इन नालों में गंदगी के ढेर लग गए है। ये नाले बुरी तरह से न केवल बदबू मार रहे है, बल्कि आसपास क्षेत्र में बीमारी को निमंत्रण दे रहे हैं। इसके बावजूद नगरपालिका प्रशासन की ओर से उन लोगों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

दुर्घटनाओं के बाद नहीं चेते जिम्मेदार

इन नालों में से अधिकांश नाले आबादी क्षेत्र में स्थित होने के कारण आए दिन इन नालों में पशुओं व छोटे बड़े वाहनों के साथ ही कई बार इंसानों के गिरने से भी दुर्घटनाएं घटित हो चुकी है। उसके बावजूद भी जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान देना जरूरी नहीं समझा है। जिसके चलते आए दिन दुर्घटनाएं घटित हो रही है और लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ रही है।

खुले नाले से परेशानी

कस्बे में कई जगहों पर नाले खुले पड़े हैं। जिसके कारण आए दिन परेशानी हो रही है। जबकि जिम्मेदार नालों को ढकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

  • दिनेशकुमार, स्थानीय निवासी

आए दिन हो रहे हादसे

खुले नाले में गिरने से आए दिन पशु व लोग चोटिल हो रहे हैं। जिस बारे में कई बार नगरपालिका को अवगत भी करवाया, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

  • हेमंत, स्थानीय निवासी
Published on:
18 Jan 2026 08:47 pm
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