
Karnataka cm Siddaramaiah
Karnataka News: राज्य सरकार ने ऑनर किलिंग और विवाह के विरोध के कारण होने वाली हिंसा पर रोक लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने हाल ही में “इवा नम्मवा” नामक प्रस्तावित विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक का उद्देश्य इज्जत, परंपरा या सामाजिक रीति-रिवाजों के नाम पर होने वाले अपराधों को सख्ती से रोकना और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
इस कानून के तहत उन जोड़ों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है जो परिवार या समाज की इच्छा के खिलाफ विवाह करते हैं। कई मामलों में ऐसे जोड़ों को सामाजिक दबाव, धमकी, हिंसा और यहां तक कि हत्या का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित विधेयक इन घटनाओं को रोकने और पीड़ितों को कानूनी संरक्षण देने के लिए बनाया गया है। इसमें ऑनर किलिंग के दोषियों को कम से कम पांच वर्ष की सजा देने का प्रावधान रखा गया है, जिससे ऐसे अपराधों के प्रति सख्त संदेश दिया जा सके।
इस विधेयक का नाम 12वीं सदी के प्रसिद्ध कवि और समाज सुधारक बसवेश्वर के एक वचन से प्रेरित है। उनके वचन में भेदभाव खत्म करने, समानता को बढ़ावा देने और सभी लोगों को अपना मानने का संदेश दिया गया था। इसी विचारधारा को ध्यान में रखते हुए इस कानून को “इवा नम्मवा” नाम दिया गया है, जिसका अर्थ है “ये हमारे हैं”। इस विधेयक को लाने के पीछे हुब्बल्ली में हुई मान्या पाटिल की हत्या की दर्दनाक घटना भी एक बड़ा कारण बनी। आरोप है कि मान्या पाटिल ने दूसरी जाति के युवक से विवाह किया था, जिसके बाद उसके परिजनों ने उसकी हत्या कर दी। इस घटना ने समाज को झकझोर दिया और सरकार को सख्त कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।
Updated on:
14 Mar 2026, 2:18 AM IST
Published on:
14 Mar 2026, 2:18 AM IST
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