
nagar nigam parishad meeting
कटनी. नगर निगम में बुधवार को 15 अप्रेल बजट सम्मिलन व 27 अप्रेल को बैठक का कोरम पूरा न होने के कारण स्थिगित परिषद की बैठक हुई। दोपहर 12 बजे से बैठक की कार्रवाई शुरू हुई। इस बैठक में शहर की प्रथम नागरिक महापौर व एमआइसी सदस्य व्यक्तिगत कारणों के चलते अनुपस्थिति रहे। बैठक में एक तिहाई से अधिक पार्षद मौजूद होने के चलते सदन की कार्यवाही चली। नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक की अध्यक्षता, विधायक संदीप जायसवाल व आयुक्त आइएएस तपस्या परिहार सहित नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों सहित 24 पार्षदों की मौजूदी में बैठक हुई। हालांकि परिषद की तीनों बैठकें शहर विकास के लिए चर्चा, प्रस्ताव पर मुहर को छोडकऱ राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बनकर सामने आईं। जनप्रतिनिधियों में आपसी प्रतिद्वंदता का दंश शहर की जनता भुगत रही है।
परिषद की बैठक में शुरुआत से ही सत्तापक्ष व विपक्ष के पार्षद नगर सरकार की मनमानी, ननि के अधिकारी-कर्मचारियों की मनमानी से असंतुष्ट नजर आए। शहर में विकास कार्य न होने, नगर निगम में बाहरी लोगों का हस्ताक्षेप होने के कारण जमकर हमला बोला। बैठक में टेंडर के बाद भी एक साल में विकास कार्य न होने, फाइलें गुमने, पार्षदों के प्रश्नों का जवाब न देने, पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णय पर अमल न होने सहित कब्जा, अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई न होने का मुद्दा छाया रहा। नगर निगम के कुछ अधिकारी भी गोलमोल जवाब देते रहे। नगर निगम अध्यक्ष ने चर्चा के बाद आयुक्त को अधिकांश मामलों को दिखवाते हुए कार्रवाई करने कहा।
कांग्रेस पार्षद मिथलेश जैन ने कहा कि पार्षदों के प्रश्रों को आपने ग्राह किया या अग्राह, इसकी जानकारी दें, उनके सवालों का जवाब दिया जाए, लंबित प्रश्नों की सदन से जानकारी मांगी तो, निगम सचिव पारस प्रजापति ने कहा कि 24 प्रश्न लंबित हैं। इस पर पार्षद राजेश भास्कर ने कहा कि निगम सचिव गलत जानकारी दे रहे हैं। अकेले उनके 50 से अधिक पत्र हैं जो 2023 से लंबित हैं। आवेदनों का रजिस्टर बुलवाने पर पार्षद अड़े रहे। वहीं दूसरी ओर जब सदन में विधायक संदीप जायसवाल पहुंचे तो पार्षदों ने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि परिषद की बैठक में महापौर सहित एमआइसी का एक भी सदस्य नहीं है।
पार्षद ओमप्रकाश सोनी ने हमला बोलते हुए कहा कि 9 माह पहले मेरे वार्ड में निर्माण कार्य के लिए राज कंस्ट्रक्शन को टेंडर जारी हो गए थे। एलओए जारी हो गया था, इसके बाद महापौर कार्यालय से फाइल गायब कर दी गई। हम जनता के लिए ननि में चपरासी की तरह काम करते हैं, मुसीबतों से गुजर रहे हैं, अधिकारियों से गुमराह होकर हम लोग क्षेत्र की जनता से सीएम हेल्पलाइन कटवा देते हैं, लेकिन अधिकारी विकास पर ध्यान नहीं दे रहे। टेंडर के बाद काम न होने पर पार्षद विनोद यादव ने कहा कि लगता है इस्तीफा दे दिया जाए। पार्षद मिथलेश जैन ने फाइल को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में भेजने के लिए रिकॉर्ड सिस्टम लागू करने कहा। पार्षद अवकाश जायसवाल ने कहा कि जिस अधिकारी-कर्मचारी के टेबिल से फाइल गायब हुई है उसपर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पार्षद सरला मिश्रा ने भी फाइल गायब होने की बात रखी। निगम अध्यक्ष जब इइ असित खरे से जवाब देने कहा तो वे गोलमोल जवाब देते रहे। पार्षदों ने कहा कि नगर निगम में 4-4 महापौरी कर रहे हैं, इससे समस्याहो रही है।
शहर के तीन वार्डों गुरुनाक वार्ड, लक्ष्मी बाई वार्ड व बीडी अग्रवाल वार्ड में नगर निगम द्वारा पोल डेकोरेटिव लाइट लगाए जाने का टेंडर दो साल पहले किया गया है। अबतक कई जगह लाइटें नहीं लगीं। अवकाश जायसवाल और मौसूफ अहमद ने कहा कि जानबूझकर काम रोका गया है। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि जानबूझकर काम रोकना, फाइलें गायब होना, समय पर काम न होना, गुणत्तायुक्त काम न होना गंभीर मुद्दा है। अध्यक्ष ने आयुक्त को इन मामलों में गंभीरता से ध्यान देने की बात कही। कहा कि जरुरत पड़ेेगी तो एफआइआर भी होनी चाहिए।
वरिष्ठ पार्षद मिथलेश जैन ने कहा कि शहर में 44 से अधिक अवैध कॉलोनियों बन गई है, और कई बनती जा रही हैं। इनपर प्रभारी कार्रवाई क्यों नही हो रही। अधिकारी क्या कर रहे हैं, कौन संरक्षण दे रहा है। सिर्फ भूमि स्वामी पर एफआइआर क्यों। कॉलोनाइजर, संबंधित क्षेत्र के अधिकारी पर एफआइआर हो। कॉलोनाइजर से विकास शुल्क वसूल किया जाए जो, आजतक नहीं किया गया। पार्षद राजेश भास्कर ने कहा कि मेरे द्वारा भी अवैध कॉलोनी की शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पार्षद अवकाश जायसवाल सहित अन्य पार्षदों ने सिविल लाइन में फायर ब्रिगेड कार्यालय के बाजू में बेशकीमती शासकीय जमीन में हुए कब्जे को हटाए जाने की मांग रखी। पार्षदों ने कहा कि नगर निगम की फायर ब्रिगेड सडक़ में खड़ी हो रही हैं। पार्षदों ने कहा कि जब कब्जा घोषित है तो फिर इसे क्यों नहीं हटाया जा रहा। इस पर अध्यक्ष ने आयुक्त को जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं पार्षद मिथलेश जैन ने नगर निगम की फायर ब्रिगेड स्लीमनाबाद सहित ग्रामीण इलाकों में न जाने देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत व जनपदों को इंतजाम करना चाहिए।
निगम अध्यक्ष मनीष पाठक की अध्यक्षता में आयोजित नगर निगम परिषद बैठक में शहर विकास और जनसुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए। बैठक में जलकर पर लगाए जाने वाले चक्रवृद्धि ब्याज को समाप्त करने का प्रस्ताव संशोधन के साथ पारित किया गया। बता दें कि इस मुद्दे को पत्रिका ने प्रमुखता से उजागर किया था, जिसके बाद शहरवासियों के हित में परिषद ने निर्णय लिया है। साथ ही ऐसे मकानों की जांच के निर्देश दिए गए, जहां बिना वास्तविक नल कनेक्शन के जलकर बिल जारी हो रहे हैं। बैठक में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भवनों पर संपत्तिकर में छूट देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया। वहीं वीर सावरकर वार्ड क्रमांक-12 की अनुसूचित वर्ग बस्ती का नाम संत रविदास नगर" रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। संपत्तिकर वृद्धि संबंधी प्रस्ताव को परिषद ने सर्वसम्मति से निरस्त कर दिया। वहीं ट्रेड लाइसेंस शुल्क संशोधन प्रस्ताव को सलाहकार समिति के माध्यम से परिषद में लाने का निर्णय लिया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा अब 30 अप्रेल को होगी।
Published on:
30 Apr 2026 06:06 am
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