CG Politics: धान खरीदी के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भी तिथि बढ़ाया जाना आवश्यक है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि धान खरीदी की तिथि 1 माह बढाई जाए। उन्होंने कहा, सरकार किसानों का पूरा भुगतान नहीं कर रही है।
CG Politics: कांग्रेस पार्टी ने सरकार से धान खरीदी की तिथि 1 माह बढ़ाने की मांग की है। बैज ने राजीव भवन में पत्रकार वार्ता में धान खरीदी की तिथि बढ़ाने, धान खरीदी में भ्रष्टाचार, मनरेगा, जमीनों की गाइडलाइन की दरों तथा शंकराचार्य के अपमान को लेकर भाजपा को कटघरे में खड़ा किया। बैज ने कहा, सरकार ने धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी घोषित की। इस लिहाज से सिर्फ 9 दिन बचे हैं, उसमें भी 4 दिन 24, 25, 26, 31 जनवरी- छुट्टी है। सिर्फ 5 दिन और खरीदी होगी। वहीं दूसरी ओर सरकार ने ऑनलाइन टोकन काटना बंद कर दिया है और ऑफ लाइन भी टोकन नहीं काटा जा रहा है। 5.5 लाख किसान अभी तक धान नहीं बेच पाए हैं।
दीपक बैज ने कहा, अभी तक 5.5 लाख किसान धान नहीं बेच पाए हैं। धान खरीदी के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भी तिथि बढ़ाया जाना आवश्यक है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि धान खरीदी की तिथि 1 माह बढाई जाए। उन्होंने कहा, सरकार किसानों का पूरा भुगतान नहीं कर रही है। भाजपा ने 2023 में वादा किया था कि किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदेगी।
भाजपा की सरकार बनने के बाद दो सालों में धान के समर्थन मूल्य में 186 रुपए की बढ़ोत्तरी हुई। भाजपा सरकार किसानों को इस बढ़ोत्तरी को जोड़कर 3286 रुपए में भुगतान करें। प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से सरकार प्रति एकड़ किसानों को 3906 रुपए भी नहीं दे रही है।
कांग्रेस मजदूरों की आवाज उठा रही
मनरेगा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने ग्रामीण भारत को रोजगार देने वाले कानून मनरेगा के स्वरूप में परिवर्तन कर दिया है। यह महात्मा गांधी के आदर्शों पर कुठाराघात है, मजदूरों के अधिकारों को सीमित करने वाला निर्णय है। मोदी सरकार ने “सुधार“ के नाम पर झांसा देकर लोकसभा में एक और बिल पास करके दुनिया की सबसे बड़ी रोज़गार गारंटी स्कीम मनरेगा को खत्म कर दिया है।
शंकराचार्य का अपमान सनातन धर्म का अपमान
प्रेस कांफ्रेंस में बैज ने कहा, खुद को हिंदुओं का मसीहा बताने वाली भाजपा सरकार हिंदु संतों का अपमान कर रही है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले 40 वर्षों से नियमित रूप से शाही स्नान करते आ रहे हैं, और यह पहली बार है जब उन्हें इस अखंड धार्मिक परंपरा से रोका गया है। भाजपा सरकार ने शंकराचार्य जी को स्नान से रोक कर सनातन परंपरा का अपमान किया है।