…तो इसलिए हो रही है भाजपा उम्मीदवार तय करने में देरी

प्रचार अभियान के लिए तीन-चार महीने का समय भी पर्याप्त

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May 09, 2016
BJP
नोएडा।
उत्तर प्रदेश में सभी पार्टियां चुनावी मोड में आ गई हैं। बसपा और सपा अधिकांश सीटों पर अपने उम्मीदवार तय कर चुकी हैं, लेकिन भाजपा अभी भी अपने उम्मीदवार तय नहीं कर पाई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उम्मीदवारों की लिस्ट आने में समय लगेगा।


यूपी भाजपा प्रवक्ता मनोज मिश्र ने कहा कि भाजपा में उम्मीदवारों के निर्धारण में समय लगेगा। यह पूछे जाने पर कि उम्मीदवारों के चयन में इतनी देरी क्यों हो रही है? उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी चुनाव के कुछ दिन पूर्व ही उम्मीदवारों का निर्धारण करती है।


यह पूछे जाने पर कि सपा-बसपा के उम्मीदवारों के तय किये जाने से उन्हें बेहतर प्रचार का समय मिलेगा और भाजपा के उम्मीदवार इस वजह से पीछे रह सकते हैं। इस पर मिश्र ने कहा कि टिकटों के मामलों में सपा-बसपा की स्थिति यह होती है कि अंतिम दौर तक में उनके उम्मीदवार बदल दिए जाते हैं। जबकि उनकी पार्टी में चयन बहुत सोच समझकर किया जाता है। इसीलिए टिकट देने में भी समय लगता है। इसके आलावा पार्टी में टिकट निर्धारण की प्रक्रिया भी अलग है, जिसके कारण समय लगता है।


ध्यान रहे कि भाजपा में टिकट मंडल और जिला स्तर से शुरू होकर क्षेत्र, प्रदेश और अंत में केंद्र तक जाता है। केंद्र की टीम प्रदेश की संस्तुति को ध्यान में रखते हुए अंतिम निर्णय लेती है।


प्रचार के लिए मिलता है पर्याप्त समय


उन्होंने कहा कि प्रचार अभियान के लिए तीन-चार महीने का समय भी बहुत पर्याप्त होता है। इसलिए जो उम्मीदवार पहले से ही क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं, भाजपा बहुधा उन्हें ही टिकट देती है और उनके लिए इतना समय पर्याप्त होता है। उन्होंने कहा कि जिन पार्टियों में बाहर के किसी भी व्यक्ति को टिकट दिया जाता है उन्हें क्षेत्र में पहचान बनाने के लिए ज्यादा समय की जरूरत होती है, जबकि भाजपा के साथ ऐसा नहीं होता।


यह कहा था यूपी अध्यक्ष ने


केशव प्रसाद मौर्य ने अध्यक्ष घोषित होने के बाद मिर्जापुर में एक कार्यक्रम में कहा था कि पार्टी अगले पंद्रह दिन के भीतर उम्मीदवारों के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर देगी। फिलहाल महीना बीत जाने के बाद भी अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
Published on:
09 May 2016 09:26 am
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