जगन्नाथ हैं ‘महाप्रभु’, उनका प्रसाद ‘महाप्रसाद’
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Gulab Kothari Articles : स्पंदन : मन की स्थिरता व प्रसन्नता ही उसके स्वस्थ होने के लक्षण हैं। इसी से शरीर का स्वास्थ्य भी ठीक रखा जा सकता है और बुद्धि का भी। मन स्वच्छन्द हो जाए, उस पर बुद्धि का नियंत्रण न रहे तो मनोविकारों को जन्म लेने में समय नहीं लगता। बुद्धि को तो हित-अहित और अच्छे-बुरे का विचार करना ही है, पर मन के आवेश, आवेग और अहंकार जैसे दोष बुद्धि को असंतुलित कर देते हैं।