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PATRIKA PODCAST : मोह ही बंधन का हेतु

इन्द्रियां तो मन के द्वारा संचालित प्राणों से कार्य करती हैं। मन ही कामना का आश्रय है। कामना ही जीवन की गति का आधार है।
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May 08, 2026
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Gulab Kothari Articles : स्पंदन : काम-क्रोध-लोभ-राग-द्वेष सभी मोह के कारण ही व्यक्ति को घेर लेते हैं। मोह ही सबसे बड़ा शत्रु होता है। मोह वह अदृश्य रस्सी है, जो हमें उससे बांधती है, जो वास्तव में क्षणभंगुर है और हमें लगता है कि यही सब कुछ है। मोह का कार्य क्षेत्र भी लम्बा-चौड़ा है। सभी ज्ञानेन्द्रियों के विषय मन से संचालित होते हैं।

Published on:
08 May 2026 07:12 pm