8 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Podcast: दशम द्वार : चेतना का अवतरण

Gulab Kothari Article Sharir Hi Brahmand: पिंजरा माया है, अचरज माया है, अचंभा भी माया है। द्वार सदा खुले हैं किन्तु पंछी उड़ नहीं पाता। यही माया है। यही माटी की इस देह की कहानी है। कैसा खिलौना है। पंचकोश और 9 द्वार। दो आंख-कान-नाक (6), मुंह, गुदा, मूत्र द्वार (9)। ये सारे पंचतत्त्व के प्रतीक हैं, दैहिक कर्मों के संचालक हैं। सभी स्थूल प्राणी-युगलों में कार्य करते हैं। क्षर सृष्टि के अंग हैं और प्रकृति के नियंत्रण में कार्य करते हैं। इनके भीतर ही प्राण रूप आत्मा (पंछी) का वास है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rakhi Hajela

May 08, 2026

Gulab Kothari Article आत्मा भी स्त्री-पुरुष में समान है। देह भी समान है। फिर स्त्री शरीर की दैवीय महिमा क्या है? पुरुष शरीर ब्रह्म वाचक है- एक रूप है, स्त्री शरीर में ‘एक म्यान दो तलवार’ होती हैं। एक शरीर पुरुष के समान आत्मा का आश्रय होता है। दूसरा शरीर माया का, ब्रह्म का मार्ग होता है। इसका जीवन की दैनिक गतिविधियों से जुड़ाव नहीं होता। इसको दसवां द्वार (ब्रह्म मार्ग अथवा प्रजनन द्वार) कहा जाता है। ब्रह्म इसी मार्ग से स्त्री शरीर में प्रवेश करता है। और इसी मार्ग से योनिरूप शरीर धारण करके बाहर आता है। यह मार्ग चन्द्रमा द्वारा नियंत्रित रहता है। मासिक आर्तव ही द्वार खोलता है, जो चान्द्रमास से नियंत्रित है। आत्मा सूर्यांश है, चन्द्रमा सूर्य पत्नी है। ये दम्पती ही अग्नि-सोमात्मक यज्ञ से ब्रह्म का आह्वान करते हैं। यही बीज योषग्नि में आहुत होकर सूक्ष्म शरीर में प्रतिष्ठित हो जाता है। पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी की बहुचर्चित आलेखमाला है - शरीर ही ब्रह्माण्ड। इसमें विभिन्न बिंदुओं/विषयों की आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से व्याख्या प्रस्तुत की जाती है। गुलाब कोठारी को वैदिक अध्ययन में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। उन्हें 2002 में नीदरलैन्ड के इन्टर्कल्चर विश्वविद्यालय ने फिलोसोफी में डी.लिट की उपाधि से सम्मानित किया था। उन्हें 2011 में उनकी पुस्तक मैं ही राधा, मैं ही कृष्ण के लिए मूर्ति देवी पुरस्कार और वर्ष 2009 में राष्ट्रीय शरद जोशी सम्मान से सम्मानित किया गया था। 'शरीर ही ब्रह्माण्ड' शृंखला में प्रकाशित विशेष लेख पढ़ने के लिए क्लिक करें नीचे दिए लिंक्स पर-


Podcast: शरीर ही ब्रह्माण्ड अंधकार और मौन में माया का साम्राज्य

Podcast – शरीर ही ब्रह्माण्ड : ब्रह्म की यात्रा : सूक्ष्म से स्थूल तक

Podcast : शरीर ही ब्रह्माण्ड : माया और मैं

Podcast: शरीर ही ब्रह्माण्ड : प्रारब्ध भोग में सहायक माया

Podcast: शरीर ही ब्रह्माण्ड- स्त्री: माया का अवतार