सड़कों पर लगातार बढ़ती भीड़, घटती जिंदगी की रफ्तार
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कर्म-फल-काल नियंत्रण माया के हाथ हैं। जो कर्म हम अपनी इच्छा से करते हैं, उस इच्छा का नाम ही माया है।
Gulab Kothari Article : यही सही है कि ब्रह्म ने माया को पैदा किया- अपने विस्तार के लिए, किन्तु समय के साथ अन्न बदला और ब्रह्म और माया का मन बदला। जब ब्रह्म के मन में पहली बार इच्छा हुई थी, वह अकेला था। चारों ओर अंधकार था, शून्य था। आज भीड़ है- माया का साम्राज्य इतना बड़ा हो गया कि शून्य ही खो गया।