पाठकों ने इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दी हैं। प्रस्तुत हैं पाठकों की चुनिंदा प्रतिक्रियाएं
कठोर कदम उठाने चाहिए
महिला उत्पीड़न के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कठोर कानूनों का सख्ती से पालन, त्वरित न्याय, महिला पुलिस और फास्ट ट्रेक कोर्ट का विस्तार, जनजागरूकता अभियान, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, शिक्षा में लैंगिक समानता, कार्यस्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था, पीड़ितों को सुरक्षित शिकायत तंत्र और पुनर्वास सहायता जरूरी है, ताकि डर और भेदभाव खत्म हो सके। - अमृतलाल मारू, इंदौर
सक्षम बनाने की जरूरत
महिला उत्पीड़न के मामले रोकने के लिए महिलाओं को ही आत्मविश्वास से परिपूर्ण एवं सक्षम बनाने की आवश्यकता है। उन्हें आत्मरक्षा के गुर सीखने की जरूरत है। महिला उत्पीड़न के मामलों में कानून के तहत त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। पुरुषों को अपनी मानसिकता में सुधार लाना चाहिए। - ललित महालकरी, इंदौर
महिला सशक्तिकरण पर ध्यान दें
महिला उत्पीड़न को रोकने के लिए सबसे पहले महिला सशक्तीकरण पर ध्यान देना होगा। क्योंकि जब तक महिला को आत्मविश्वास नहीं मिलेगा तब तक वे अपने ऊपर हो रहे अत्याचार को करारा जवाब नहीं दे सकतीं। इसलिए महिला उत्पीड़न को रोकने के लिए सबसे पहले उनको सशक्त होना होगा। - प्रियव्रत चारण, जोधपुर