
100 years of Indian Hockey: भारतीय हॉकी के 100 साल पूरे होने पर शुक्रवार को दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एक शानदार समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें कई पूर्व ओलंपिक पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि भारत में हॉकी के लिए पहली शासी निकाय भारतीय हॉकी महासंघ की स्थापना 07 नवंबर 1925 को ग्वालियर में की गई थी, जो अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की स्थापना के एक साल बाद बनीं। इसके बाद 2009 में भारतीय हॉकी महासंघ (पुरुष) और भारतीय महिला हॉकी महासंघ (महिला) का विलय कर दिया गया और हॉकी इंडिया का गठन किया गया। अब भारत में हॉकी इंडिया की इस खेल का संचालन करता है।
दो बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता 90 वर्ष के गुरबख्श सिंह से लेकर पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतने वाले कप्तान हरमनप्रीत सिंह तक कई दिग्गजों ने समारोह में शिरकत की और भारतीय हॉकी के सौ साल पूरे होने के अवसर पर अपने अनुभव साझा किए।
पिछले 100 साल में भारतीय पुरुष हॉकी ने अपने दमदार खेल से विश्व कप में धाक जमाई है। भारत के नाम ओलंपिक में सर्वाधिक 13 पदक जीतने का रिकॉर्ड है, जिसमें आठ स्वर्ण, एक रजत और चार कांस्य पदक शामिल हैं। हालांकि महिला हॉकी ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन वो कभी ओलंपिक पदक नहीं जीत सकीं।
- पूरे देश में 07 नवंबर को एक हजार से अधिक हॉकी मैचों का आयोजन किया गया।
- नेशनल स्टेडियम दिल्ली में हॉकी के गौरवशाली अतीत की झांकी व दुर्लभ तस्वीरों की नुमाइश का उद्घाटन किया गया।
- 1928 में भारत ने पहली बार ओलंपिक में भाग लिया और गोल्ड जीता
- 1975 में भारतीय पुरुष टीम ने एकमात्र बार विश्व कप अपने नाम किया
- 4 बार भारतीय टीम ने एशिया कप जीता, द. कोरिया के बाद सर्वाधिक