Olympics Special: 1937 से लेकर 1947 तक पूरी दुनिया दूसरे विश्व युद्ध की चपेट में थी। इसका असर ओलंपिक खेलों पर भी पड़ा और 12 साल तक खेल बंद रहे। ओलंपिक इतिहास में पहली बार ओलंपिक खेल इतने समय तक बंद रहे।
Olympics Special: पूरे विश्व और खासतौर पर यूरोप के लिए 1937 से लेकर 1947 तक का समय बेहद ही मुश्किल भरा रहा। ये वो दौर था, जब पूरी दुनिया दूसरे विश्व युद्ध की चपेट में थी। इसका असर ओलंपिक खेलों पर भी पड़ा और 1936 बर्लिन ओलंपिक के बाद इन खेलों की वापसी 12 साल बाद 1948 में लंदन से हुई। ओलंपिक इतिहास में पहली बार ओलंपिक खेल इतने समय तक बंद रहे।
1908 में पहली बार ओलंपिक की मेजबानी करने वाले लंदन ने दूसरी बार इन खेलों का आयोजन किया। हालांकि पहले इन खेलों का आयोजन जापान के शहर टोक्यो में होना था, लेकिन विश्व युद्ध में बुरी तरह से तबाह होने के कारण उसने मेजबानी छोड़ दी।
आईओसी ने जर्मनी और जापान को लंदन ओलंपिक के लिए आमंत्रित नहीं किया, क्योंकि इन दोनों देशों को विश्व युद्ध का जिम्मेदार माना गया। सोवियन यूनियर (वर्तमान में रूस) को आमंत्रण मिला लेकिन उसने अपने एथलीट भेजने से मना कर दिए। इजराइल को आइओसी ने एक देश के तौर पर मान्यता देने से इंकार कर दिया, इसलिए उसने भाग नहीं लिया।