
पोल्स (उपकरणों) को एक साथ बांधते हुए एथलीट (Photo - Screengrab/X)
Athletes humiliated by Railway Police: ओडिशा के भुवनेश्वर में नेशनल इवेंट में परचम लहराकर लौट रहे तमिलनाडु के एथलीट्स को जो सम्मान मिलना चाहिए था, उसके बदले उन्हें अपमान और मानसिक प्रताड़ना मिली। यह घटना किसी भी खेल प्रेमी का दिल दहला देने वाली है। मेडल जीतने के बाद घर लौट रहे इन खिलाड़ियों के 1-1 लाख रुपये के पोल (उपकरण) को RPF कर्मियों ने चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया।
तमिलनाडु के खिलाड़ियों का एक दल, जिसमें गोल्ड मेडलिस्ट कविनराजा, शक्ति महेंद्रन और आर. विशाल शामिल थे, भुवनेश्वर से शालीमार एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22642) के जरिए सलेम लौट रहे थे। स्लीपर कोच में भीड़ अधिक होने और समय कम होने के कारण खिलाड़ियों ने अपने 8 पोल को सुरक्षा के साथ खिड़की के बाहर रस्सियों से बांध दिया था।
लेकिन आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी स्टेशन पर एक यात्री की शिकायत के बाद RPF अधिकारी ने बिना सोचे-समझे चाकू से रस्सियां काट दीं। नतीजे में लाखों के पोल पटरियों पर गिर गए। अपने महंगे उपकरणों को बचाने के लिए खिलाड़ियों को चलती ट्रेन की चेन खींचनी पड़ी।
चौंकाने वाली बात यह है कि इन एथलीट्स में से एक, 22 वर्षीय शक्ति महेंद्रन खुद रेलवे में टिकट क्लर्क (CCTC) हैं। शक्ति ने बताया, 'हमने पूरी सावधानी बरती थी ताकि किसी यात्री को परेशानी न हो। अधिकारियों ने मेरे साथ बहुत बुरा व्यवहार किया। जब मैंने अपना रेलवे आईडी दिखाया और अपने सहयोगियों से बात करवाई, तब जाकर वे थोड़े शांत हुए।'
खिलाड़ियों को अपना सामान बचाने के लिए ट्रेन से उतरना पड़ा और उनका बाकी सामान ट्रेन में ही रह गया। भाषा की समस्या (Language Barrier) के कारण भी उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
इन एथलीट्स को अगले एक हफ्ते में चेन्नई में होने वाली 'इंडियन ओपन सीरीज' में हिस्सा लेना है। एक-एक पोल की कीमत 1 लाख रुपये से ज्यादा की है। अगर ये पोल टूट जाते, तो इन युवाओं का करियर खत्म हो सकता था। इसी साल की शुरुआत में नेशनल रिकॉर्ड होल्डर कुलदीप कुमार के साथ भी पनवेल में ऐसी ही बदसलूकी हुई थी।
Published on:
06 May 2026 12:33 pm
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