Paris Olympics 2024: भारतीय हॉकी टीम ओलंपिक खेलों में हमेशा फैंस की उम्मीदों के बोझ के साथ मैदान में उतरती है। इस बार पेरिस ओलंपिक में भारत के पास पिछले चार दशक के स्वर्ण पदक के सूखे को खत्म करने का मौका है। वहीं, जोकिम कार्वाल्हो का कहना है कि टीम इंडिया को इसके लिए काफी सुधार करने की जरूरत है।
Paris Olympics 2024: भारतीय हॉकी टीम ओलंपिक खेलों में हमेशा फैंस की उम्मीदों के बोझ के साथ मैदान में उतरती है। इस बार पेरिस ओलंपिक में भारत के पास पिछले चार दशक के स्वर्ण पदक के सूखे को खत्म करने का मौका है। भारतीय हॉकी टीम के पास आठ स्वर्ण पदकों की विशाल विरासत है। टोक्यो ओलंपिक खेलों में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने के बाद से पुरुष टीम से उम्मीदें कई गुना बढ़ गई हैं। अब प्रशंसक न केवल भारतीय टीम से एक और पदक जीतने की उम्मीद करते हैं, बल्कि यह भी चाहते हैं कि यह स्वर्ण या रजत हो। वहीं, पूर्व भारतीय खिलाड़ी और कोच जोकिम कार्वाल्हो का कहना है कि टीम इंडिया को इसके लिए काफी सुधार करने की जरूरत है।
जोकिम कार्वाल्हो ने कहा कि पेरिस में भारत एक चुनौतीपूर्ण ग्रुप में है, जिसमें गत चैंपियन बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, न्यूजीलैंड और आयरलैंड जैसी टीमें है। इसलिए टीम का पहला लक्ष्य शीर्ष चार में रहना और क्वार्टर फाइनल में जगह बनाना होगा। उन्होंने कहा कि आज हॉकी का इतना विकास हो चुका है कि ओलंपिक में भाग लेने वाली सभी टीमों के पास पोडियम फिनिश करने का मौका है। मगर दावेदार हमेशा की तरह बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया, भारत, जर्मनी और हॉलैंड होंगे। मैं उन्हें अंतिम चार में जगह बनाते देखना चाहूंगा।
उन्होंने कहा कि मैं स्पेन और फ्रांस को भी कम नहीं आंकूगा। पिछले 2-3 साल में इन टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इसलिए, वो इस महाकुंभ में डार्क हॉर्स हैं। वहीं, भारत ने वह सारी तैयारियां की हैं, जिसकी उन्हें जरूरत थी। वे ऑस्ट्रेलिया में एक सीरीज खेलने गए थे। जहां उन्हें 5-0 से हार झेलनी पड़ी, जो एक अच्छा परिणाम नहीं है और न ही अच्छी तैयारी।
पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने को लेकर उन्होंने कहा कि पदक जीतने के बाद हमेशा उम्मीदें बहुत ज्यादा होती हैं। लेकिन जैसा कि मैंने कहा, आज की हॉकी में, दुनिया में इतनी सारी टीमें हैं कि यह अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है कि आपको पदक ज़रूर मिलेगा। मैं कहूंगा कि भारतीय टीम में निरंतरता की कमी है।