पत्रिका ने आवाज उठाई और सिणधरी चौराहे का दर्द बखूबी लिखा गया।
बाड़मेर.शहर के शहीद चौराहे (सिणधरी चौराहे ) पर ओवरब्रिज निर्माण के दौरान जनता को इतनी परेशानियों का सामना करना पड़ा कि यहां चलना दुभर हो गया। दुर्घटनाएं, लोगांे का चोटिल होना और वाहनों का टकराना आम था। बारिश के दिनों में तो हालात विकट। लोगों की बीसियों शिकायतों के बाद सुनवाई नहीं हो रही थी। जनता से जुड़े इसे मुद्दे को लेकर पत्रिका ने आवाज उठाई और सिणधरी चौराहे का दर्द बखूबी लिखा गया। इस चौराहे पर जनता जब भी तकलीफ में रही पत्रिका साथ खड़ा रहा। दो साल बाद अब यह चौराहा सुगम हुआ है। लोगों को सुविधा मिली है। पत्रिका ने समाज के साथ जुड़ते हुए लोगों की आवाज को आवाज दी।
जनता के साथ हर कदम रही पत्रिका
मैं सिणधरी चौराहा बोल रहा हूं
राजस्थान पत्रिका ने बारिश के दिनों में जब यहां पर हालात बहुत विकट हुए। प्रशासन और एनएचएआई की कान पर जूं तक नहीं रेंग रही थी तब अभियान पूर्वक सिणधरी चौराहे की आवाज को उठाया। हजारों लोगों की पीड़ा को सामने लाने के साथ ही 15 अगस्त को यहां जनसहयोग से सड़क पर कंकरीट बिछाकर चलने लायक बनाया गया। प्रशासनिक संवेदनहीनता को उजागर किया।
महिलाओं की उठाई आवाज
बीते दिनों स्कूटी चालक एक कांस्टेबल की दुर्घटना के बाद उसका मामला तक दर्ज नहीं करने और यहां सुरक्षा इंतजाम नहीं होने पर पत्रिका ने इस मुद्दे केा उठाते हुए महिलाओं से सीधे बात की। महिलाओं ने गुस्सा जाहिर किया कि यहां से गुजरना तक संभव नहीं है। इसके बाद पुलिस ने यहां व्यवस्था शुरू की।
शुरू करवाया एक साईड यातायात
जनवरी माह तक पुल तैयार होने का वादा पूरा नहीं हुआ और एक साईड से तैयार पुल पर भी यातायात शुरू नहीं किया तो पत्रिका ने 2 फरवरी के अंक में यह स्थिति सामने लाई कि एक साईड से पुल तैयार है तो इसका यातायात शुरू किया जा सकता है। इसके बाद दूसरे दिन ही एक साईड से पुल तैयार कर लिया गया है।
काम में आई गति और अब इंतजार होने वाला है खत्म
फरवरी माह तक भी काम की मंथर गति को उजागर किया गया और सवाल खड़ा किया गया कि बार-बार वादे करने के बावजूद काम क्यों नहीं हो रहा है? इसके बाद काम में गति लाई गई और अब यह ओवरब्रिज लगभग बनकर तैयार हो गया है। अंतिम टच में रंग रोगन का कार्य किया जा रहा है। जो आने वाले हफ्तेभर में पूर्ण हो जाएगा।