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बस बहुत हो गया… भारतीय बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल ने किया संन्‍यास का ऐलान

Saina Nehwal retirement announcement: साइना नेहवाल ने बैडमिंटन से संन्‍यास ले लिया है। उन्होंने बताया कि घुटने की पुरानी समस्या के कारण वह एलीट खेल की शारीरिक मांगों को पूरा नहीं कर पा रही हैं।

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Jan 20, 2026
साइना नेहवाल (Photo- IANS)

Saina Nehwal retirement announcement: भारत की स्टार बैडमिंटन स्‍टार खिलाड़ी साइना नेहवाल ने कॉम्पिटिटिव बैडमिंटन से संन्‍यास की पुष्टि कर दी है। 2012 लंदन ओलंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट साइना ने आखिरी बार 2023 में सिंगापुर ओपन खेला था, लेकिन उन्होंने उस समय औपचारिक रूप से अपने रिटायरमेंट की घोषणा नहीं की थी। उन्होंने बताया कि घुटने की पुरानी समस्या के कारण वह एलीट खेल की शारीरिक मांगों को पूरा नहीं कर पा रही हैं।

मैंने दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था

साइना ने अपने फैसले के बारे में बताते हुए एक पॉडकास्ट में कहा कि मैंने दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था। मुझे सच में लगा कि मैंने अपनी शर्तों पर खेल में एंट्री की थी और अपनी शर्तों पर ही इसे छोड़ा है। इसलिए इसकी घोषणा करने की कोई जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि अगर आप अब और खेलने में सक्षम नहीं हैं तो बस इतना ही। यह ठीक है। पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 ने कहा कि उनका ये फैसला घुटने की गंभीर समस्या के चलते आया है, जिससे लगातार ट्रेनिंग करना नामुमकिन हो गया।

'अब शायद मैं यह और नहीं कर सकती'

मेडिकल स्थिति के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने समझाया कि आपका कार्टिलेज पूरी तरह से खराब हो गया है, आपको आर्थराइटिस है, मेरे माता-पिता को यह जानने की जरूरत थी, मेरे कोच को यह जानने की जरूरत थी और मैंने बस उनसे कहा कि अब शायद मैं यह और नहीं कर सकती, यह मुश्किल है।

'मैं अब और जोर नहीं लगा सकती'

उन्होंने आगे कहा कि धीरे-धीरे लोगों को भी पता चल जाएगा कि साइना नहीं खेल रही है। मुझे नहीं लगा कि मेरे रिटायरमेंट की घोषणा करना इतनी बड़ी बात है। मुझे बस लगा कि मेरा समय खत्म हो गया है क्योंकि मैं ज़्यादा ज़ोर नहीं लगा पा रही थी, मेरा घुटना पहले की तरह जोर नहीं लगा पा रहा था।

अपने बेहतरीन सालों की तुलना करते हुए साइना ने कहा कि आप दुनिया में सबसे अच्छा बनने के लिए आठ से नौ घंटे ट्रेनिंग करते हैं, अब मेरा घुटना एक या दो घंटे में ही जवाब दे रहा है। इसमें सूजन आ जाती है और उसके बाद जोर लगाना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसलिए मैंने सोचा कि बस बहुत हो गया। मैं अब और जोर नहीं लगा सकती।

2016 में लगी थी चोट

उनके करियर पर रियो ओलंपिक 2016 में लगी घुटने की चोट का काफी असर पड़ा था। हालांकि उन्होंने 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज और 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर ज़ोरदार वापसी की, लेकिन बार-बार होने वाली समस्याएं बनी रहीं। 2024 में ही उन्होंने बता दिया था कि उनके घुटनों में आर्थराइटिस और कार्टिलेज घिस गया है।

Published on:
20 Jan 2026 08:44 am
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