डॉक्टर पर कुरान के पन्ने फाड़ने का आरोप मीरपुरखास जिले में हिंदुओं की सम्पत्ति को निशाना बनाया गया पाकिस्तान हिंदू परिषद ने अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को फंसाए जाने का आरोप लगाया
लाहौर।पाकिस्तान ( Pakistan ) के एक हिंदू डॉक्टर पर ईश निंदा का मामला दर्ज किया गया है। रमेश कुमार नाम के एक डॉक्टर को ईशनिंदा के आरोप में हिरासत में ले लिया गया। उधर डॉक्टर के बयान पर गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने हिंदुओं के स्वामित्व वाली दुकानों में आग लगा दी और उनकी सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाया। घटना पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मीरपुरखास जिले की है। यहां फूलदोन कस्बे में पिछले 12 घंटे से सड़कों पर उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं। पाकिस्तान पुलिस का कहना है कि दंगे फ़ैलाने के जुर्म में 13 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
हिंदू डॉक्टर पर आरोप
मीरपुरखास जिले के फूलदोन कस्बे में प्रैक्टिस करने वाले एक हिंदू डॉक्टर पर कुरान ( Quran ) से पन्नों को फाड़ने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसे सुरक्षित स्थान पर रखा हुआ है। लेकिन डॉक्टर को ले जाने के बाद शहर में अशांति फैल गई है। सिंध प्रांत में एक स्थानीय मौलवी ने रमेश कुमार पर कुरान को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए ईशनिंदा मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उधर मीरपुर जिले में रमेश कुमार के हिरासत में लेने के बाद पर सड़कों पर टायर जलाये गए और हिंदू समुदाय के लोगों की जमकर तोड़फोड़ की । आपको बता दें कि सिंध प्रांत में बड़ी संख्या में हिंदू रहते हैं और उन्हें ईश निंदा के आरोपों में अक्सर फंसाया जाता है। 1987 और 2016 के बीच पाकिस्तान के ईशनिंदा कानून के तहत कम से कम 1,472 हिंदुओं पर आरोप लगाए गए थे।
मीरपुर में भड़का दंगा
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि रमेश कुमार के रूप में पहचाने जाने वाले डॉक्टर को हिरासत में ले लिया गया था। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने हिंदुओं के स्वामित्व वाली दुकानों में आग लगा दी। स्थानीय मस्जिद के प्रमुख मौलवी इशाक नोहरी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि डॉक्टर ने एक पवित्र पुस्तक के पन्नों को फाड़कर उनमें दवाइयां लपेटी हैं। स्थानीय पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस अधिकारी जाहिद हुसैन लेघरी ने कहा कि डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। लेघरी ने कहा कि मामले की उचित जांच की जाएगी ।उन्होंने बताया कि कस्बे में अशांति फैलने पर डॉक्टर को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। आपको बता दें कि बड़ी संख्या में हिंदू सिंध प्रांत के आंतरिक इलाकों और कराची शहर में रहते हैं। उधर पाकिस्तान हिंदू परिषद ने अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण लोगों द्वारा ईशनिंदा कानून के तहत निशाना बनाए जाने की शिकायत की है। पाकिस्तान में हिंदू सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, पाकिस्तान में 75 लाख हिंदू रहते हैं। पाकिस्तान की अधिकांश हिंदू आबादी सिंध प्रांत में बसी हुई है जहां वे अपने मुस्लिम साथियों के साथ संस्कृति, परंपरा और भाषा के लंबी विरासत साझा करते हैं।
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