डॉ. शकील की सूचना पर ही अमरीकी मरीन कमांडो ने 2 मई, 2011 को लादेन के गुप्त ठिकाने पर कार्रवाई कर उसे मौत के घाट उतार दिया था।
नई दिल्ली। अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन का पता बताने वाले डॉक्टर शकील आफरीदी को पाकिस्तान इस महीने रिहा कर सकता है। पाकिस्तानी कोर्ट ने सीआईए (अमेरिकी खुफिया एजेंसी) को पता बताने पर डॉक्टर शकील को चार अलग-अलग मामलों में 33 साल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद से अमरीकी सरकार लगातार पाकिस्तान पर डॉ शकील को रिहा करने के लिए दवाब बना रही है। पाकिस्तानी डॉक्टर के वकील कमर नदीम ने कहा कि कई बार उनकी सजा कम की गई। अब इस महीने उनकी सजा पूरी हो जाएगी।
अमरीका के दवाब पर कम की गई सजा
उन्होंने कहा कि सरकार ने अपील मंजूर करते हुए उनकी सजा के दस साल और कम कर दिए हैं। इसलिए इस महीने उनकी रिहाई होने की संभावना है। 56 वर्षीय डॉ. शकील को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बीते शुक्रवार को पेशावर की सेंट्रल जेल से रावलपिंडी की अदीला जेल स्थानांतरित किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनावी अभियान के दौरान कहा था कि मैं डॉक्टर शकील को दो मिनट में पाकिस्तान की जेल से छुड़ा सकता हूं और पाक अधिकारी ऐतराज भी नहीं करेंगे।
अमरीका शिफ्ट हो सकते हैं डॉक्टर शकील
बता दें कि डॉ. शकील ने ओसामा का पता लगाने के लिए एबटाबाद एरिया में झूठा टीकाकरण अभियान चलाया था। उनकी सूचना पर ही अमरीकी मरीन कमांडो ने 2 मई, 2011 को एबटाबाद में लादेन के गुप्त ठिकाने पर कार्रवाई कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। 2011 के आखिर में डॉ अफरीदी को गिरफ्तार कर लिया गया था और 2012 में 33 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। अब कयास लगाया जा रहा है कि डॉक्टर शकील जेल से रिहा होने के बाद अमरीका में शिफ्ट हो सकते हैं।