
पाली। पाली शहर के औद्योगिक थाना क्षेत्र स्थित इंडस्ट्रियल एरिया के फोर्थ फेज में रविवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सारडा बायो पॉलिमरस नामक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि उसकी ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। आग पर काबू पाने के लिए पाली के अलावा सुमेरपुर, सोजत व जाडन से दमकलें बुलवाई गई। उनके दर्जनों फेरों के बावजूद आग पर काबू पाया नहीं जा सका था।
हादसे में फैक्ट्री में काम कर रहे तीन मजदूर राजेन्द्र कुमार (30), विक्की (19) , अवधेश सिंह (40) गंभीर झुलस गए, जिन्हें तत्काल बांगड़ अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें जोधपुर रैफर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के समय फैक्ट्री में कई मजदूर पालीथिन/बायो-पॉलिमर निर्माण प्रक्रिया में लगे थे। अचानक लगी आग के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। कुछ लोगों का कहना है कि आग बॉयलर फटने से लगी, वहीं कुछ शॉर्ट सर्किट को इसकी वजह बता रहे हैं। हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों का कोई खुलासा नहीं हो पाया।
घटना की सूचना मिलते ही औद्योगिक थानाधिकारी निरमा विश्नोई और सीओ सिटी मंगलेश चूंडावत पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। दमकल की गाड़ियां तुरंत बुलाई गईं, लेकिन फैक्ट्री के अंदर घुसने का रास्ता संकरा और धुआं अत्यधिक होने के कारण दमकलकर्मियों को प्रवेश करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में फैक्ट्री की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और आग पर काबू पाने व मजदूरों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दमकल की गाड़ियां तड़के तक आग पर काबू पाने के प्रयास में जुटी रहीं। पुलिस और राहत टीमें अंदर फंसे शेष मजदूरों की तलाश में जुटी थी। पुलिस पड़ताल में जुटी थी।
फैक्ट्री में आग लगने के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। कुछ लोगों ने बॉयलर फटने तो कुछ ने शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई है। हालांकि, पुलिस ने आग के वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, पुलिस आग लगने के कारणों की जांच में जुटी हुई है।