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Alwar: ‘3 दिन की छुट्टी से खुश थे बच्चे, किसे पता था सुबह की हंसी मातम बन जाएगी’, मुकुल-नंदनी की मौत से टूटे परदादा

खेरली कस्बे के निकटवर्ती दांतिया गांव में रविवार सुबह करीब नौ बजे हुई हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। सुबह तक गांव के अन्य बच्चों के साथ खेल रहे पांच वर्षीय मुकुल और तीन वर्षीय नंदनी उर्फ लाड़ो की कुछ ही देर बाद मौत हो गई।
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अलवर

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Anil Prajapat

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Oct 18, 2026

Alwar News

मौके पर मौजूद पुलिस। फोटो: पत्रिका

अलवर। खेरली कस्बे के निकटवर्ती दांतिया गांव में रविवार सुबह करीब नौ बजे हुई हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। सुबह तक गांव के अन्य बच्चों के साथ खेल रहे पांच वर्षीय मुकुल और तीन वर्षीय नंदनी उर्फ लाड़ो की कुछ ही देर बाद मौत हो गई। घटना में बच्चों की मां ऊषा शर्मा की भी जान चली गई, जबकि ऊषा की छोटी बहन मनीषा गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है।

मासूमों के परदादा जगदीश प्रसाद शर्मा इस घटना से स्तब्ध हैं। उन्होंने बताया कि बच्चे शनिवार को ही कह रहे थे कि उनके स्कूल में अब तीन दिन की छुट्टियां हैं। ऐसे में वे काफी खुश थे। लेकिन, किसे पता था कि बच्चों की सुबह की हंसी मातम में बदल जाएगी। परदादा ने भावुक होकर कहा कि यदि रविवार को स्कूल का अवकाश नहीं होता तो बच्चे स्कूल चले जाते और शायद आज जीवित होते। उनकी यह बात परिवार के साथ ग्रामीणों को भी भावुक कर गई।

चुनाव प्रचार सामग्री पहनकर खेल रहे थे बच्चे

ग्रामीणों के अनुसार, घटना से कुछ देर पहले मुकुल और नंदनी गांव के अन्य बच्चों के साथ पंचायती राज चुनाव में इस्तेमाल होने वाली प्रचार सामग्री पहनकर खेल रहे थे। बच्चों की हंसी-खुशी के बीच किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में गांव में मातम छा जाएगा।

ऊषा के उपचार की बात भी आई सामने

बृजभूषण शर्मा और ग्रामीणों ने बताया कि ऊषा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, ऊपरी हवा से संबंधित आशंका के चलते भी उसका उपचार करवाया गया था। परिजन दोनों बच्चों को रात में ऊषा के साथ नहीं सुलाते थे और अपने पास रखते थे। हालांकि, इन बातों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।

घर के बाहर खेलने से मना किया था

जानकारी के अनुसार ऊषा शर्मा पत्नी अमित शर्मा ने अपने बच्चों को घर के बाहर खेलने जाने से मना किया था। इसके बाद वह दोनों बच्चों को कमरे में ले गई थी। कुछ ही देर में कमरे से चीख-पुकार की आवाज सुनकर ग्रामीण दौड़कर आए और गेट खोलने की कोशिश की। इसी दौरान घायल मुकुल ने कमरे का दरवाजा खोल दिया। अंदर ऊषा और दोनों बच्चों को लहूलुहान देखकर ग्रामीण स्तब्ध रह गए। सभी घायलों को खेरली के उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीन वर्षीय नंदनी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उपचार के दौरान मुकुल और ऊषा ने दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल मनीषा को रेफर कर दिया गया।

घर पर नहीं थे परिवार के अन्य सदस्य

बताया जा रहा है कि घटना के समय ऊषा के ससुर बृजभूषण शर्मा पंचायत चुनाव में एक प्रत्याशी के प्रचार के लिए गांव में गए हुए थे। वहीं, परिवार की सास और ननद, मनीषा और अंकित के दोनों बच्चों को लेकर खेत पर गई हुई थीं। ऊषा का पति अमित शर्मा गुजरात में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है, जबकि मनीषा का पति अंकित शर्मा जयपुर के एक निजी अस्पताल में नर्सिंगकर्मी है।