चांदा घाटी का बदला नजारा: पिकनिक मनाने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं पर्यटक, दिनभरपिकनिक मनाने वालों का लगा जमावड़ा
पन्ना। पवई क्षेत्र में बीते दिन हुई अच्छी बारिश के बाद चांदा घाटी में चारों ओर हरियाली ही हरियाली दिखाई देने लगी है। झमाझम बारिश के बाद जंगलों से बहकर पानी आने से सिल्वर फाल में भी झमाझम पानी गिरना शुरू हो गया। वाटर फाल शुरू होने के बाद पहाड़ी का सौंदर्य देखते ही बनता है।
फाल देखने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। फाल के आसपास का पूरा क्षेत्र पिकनिक स्पॉट में बदल गया है। आसपास के लोग पिकनिक मनाने यहां काफी संख्या में पहुंचने लगे हैं। ये दृश्य देखकर किसी भी पर्यटक की नजरें ही नहीं हट पा रही हैं।
हर तरफ हरियाली ही हरियाली
बता दें कि, चांदा घाटी का नजारा किसी पर्यटन स्थल से कम नहीं है। पहाड़ी पर जहां देखो वहां तक हरियाली ही हरियाली दिखाई देती है। प्रकृति के इस अनुपम सौंदर्य को निहारने प्रतिदिन बड़ी संख्या में आसपास के लोग पहुंचने लगे हैं। यहां दिनभरपिकनिक मनाने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। यही पर बाबा झूलनशाह की दरगाह भी है। जहां हर शुक्रवार सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचते हैं।
चांदी जैसे सफेद पानी के कारण पड़ा नाम
स्थानीय लोगों ने बताया फाल के कुंड में करीब 300 फीट की ऊंचाई से पानी गिरता है। इस दौरान काफी ऊंचाई से गिरता हुआ पानी दूध और चांदी जैसा सफेद दिखता है। इसी कारण से इसको सिल्वर फाल का नाम दिया गया है। नामकरण किसने किया यह तो पता नहीं है, लेकिन लोग एक दूसरे से सुनते-सुनते कहने लगे। अब तो जिले के लोगों के बीच यह काफी पापुलर नाम है। उक्त फाल कटनी-पन्ना मार्ग में पवई से करीब 12 किमी. दूर है।
मुंबई-गोवा का अहसास
गौरतलब है कि, पन्ना जिले के पवई अंतर्गत चांदा घाटी के सिल्वर फॉल में घूमने के बाद मुंबई-गोवा का अहसास होता है। कल-कल करता झरना मिल्क सागर की तरह लगता है। कहते है इसके आसपास कई ऐसे स्थान है जहां आसानी से घूमा जा सकता है। बारिश के समय में तो बात ही निराली है। इसके आगे आप पन्ना टाइगर रिजर्व अंतर्गत जंगलों की हरियाली पर्यटकों को आकर्षित करती है।