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8वां वेतन आयोग: कर्मचारियों की फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग, जानें 5 से 8 लेवल तक सैलरी-पेंशन का पूरा गणित

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) को लेकर चर्चा हो रही है। कर्मचारी संगठन कई प्रकार की मांग कर रहे हैं। आइए जानते हैं, कर्मचारियों की कौन-कौन सी मांगें हैं और आयोग की क्या तैयारी है?
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Aug 24, 2026
8th pay commission
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) को लेकर देशभर में हलचल तेज है। आयोग इन दिनों दिल्ली, जयपुर और कोलकाता जैसे शहरों में कर्मचारी संगठनों और यूनियनों के साथ लगातार बैठकें कर रहा है। इसके साथ ही अगस्त-सितंबर 2026 में जयपुर (31 अगस्त-1 सितंबर), चेन्नई (7-8 सितंबर), पुडुचेरी (9 सितंबर) और चंडीगढ़ (16-18 सितंबर) में केंद्रीय वेतन आयोग के दौरे तय हैं। हालांकि, आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि फिटमेंट फैक्टर, नया वेतन मैट्रिक्स और पेंशन फॉर्मूला अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुए हैं।

यूनियनों की मुख्य मांगें

कर्मचारी यूनियनों की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने को लेकर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ संगठन इसे 3.83 तक ले जाने की मांग कर रहे हैं, जबकि ज्यादातर यूनियन कम से कम 2.86 से 3.25 के बीच फिटमेंट फैक्टर की पैरवी कर रहे हैं। कुछ संगठनों ने 3.68 तक का आंकड़ा भी रखा है।

इसके अलावा हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस में संशोधन, न्यूनतम पेंशन बढ़ाने और पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने जैसे मुद्दे भी बैठकों में उठाए जा रहे हैं। हालांकि वित्त मंत्रालय ने संसद में लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि फिलहाल पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

7वां बनाम 8वां वेतन आयोग

7वें वेतन आयोग में सरकार ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया था, जिससे न्यूनतम बेसिक वेतन 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गया था। यह आयोग 2016 में लागू हुआ और इसका कार्यकाल दिसंबर 2025 में समाप्त हुआ। 8वां वेतन आयोग 3 नवंबर 2025 की अधिसूचना के जरिए गठित किया गया, जिसकी अध्यक्ष पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई हैं।

किसी वेतन आयोग की अगुवाई करने वाली वे पहली महिला हैं। आयोग को सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय मिला है, यानी रिपोर्ट मई 2027 तक आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक फिटमेंट फैक्टर करीब 1.92 से 2.86 के बीच रह सकता है, जबकि यूनियनें इससे कहीं ज्यादा की मांग कर रही हैं।

लेवल 5 से 8: आसान कैलकुलेशन

7वें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स में लेवल 5 का प्रवेश स्तर बेसिक वेतन 29,200 रुपये, लेवल 6 का 35,400 रुपये, लेवल 7 का 44,900 रुपये और लेवल 8 का 47,600 रुपये है। अगर यूनियनों की न्यूनतम मांग यानी 2.86 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो लेवल 5 का बेसिक वेतन बढ़कर करीब 83,500 रुपये, लेवल 6 का करीब 1,01,200 रुपये, लेवल 7 का करीब 1,28,400 रुपये और लेवल 8 का करीब 1,36,100 रुपये हो सकता है।

विशेषज्ञों के 1.92 वाले रूढ़िवादी अनुमान पर यही आंकड़े क्रमशः लगभग 56,000, 68,000, 86,200 और 91,400 रुपये तक सीमित रह सकते हैं। चूंकि नई व्यवस्था लागू होने पर महंगाई भत्ता (DA) शून्य से दोबारा जुड़ना शुरू होगा। इसलिए टेक-होम सैलरी में शुरुआती बढ़ोतरी करीब इसी अनुपात में दिखेगी, हालांकि NPS/UPS अंशदान जैसी कटौतियां भी नए, ऊंचे बेसिक वेतन के हिसाब से बढ़ेंगी।

ग्रेच्युटी और पेंशन पर असर

ग्रेच्युटी की गणना (अंतिम बेसिक वेतन + महंगाई भत्ता) x 15/26 x सेवा के वर्षों के फॉर्मूले पर होती है। इसकी मौजूदा टैक्स-फ्री सीमा 20 लाख रुपये है। बेसिक वेतन में बढ़ोतरी का सीधा असर यह होगा कि रिटायरमेंट के करीब पहुंच रहे कर्मचारियों की ग्रेच्युटी राशि पहले से काफी अधिक होगी। इसी तरह पेंशन की गणना भी अंतिम आहरित बेसिक वेतन या अंतिम 12 महीने के औसत बेसिक वेतन के आधार पर होती है। इसलिए बेसिक वेतन बढ़ने पर मासिक पेंशन भी उसी अनुपात में बढ़ेगी। कुछ रिपोर्टों में न्यूनतम पेंशन मौजूदा 9,000 रुपये से बढ़कर 20,500 से 25,740 रुपये तक जाने का अनुमान लगाया गया है, हालांकि यह भी अभी सिर्फ प्रस्तावित आंकड़ा है, आधिकारिक फैसला नहीं।

सरकार का आधिकारिक रुख

केंद्र सरकार बार-बार स्पष्ट कर चुकी है कि 1 जनवरी 2026 को सिर्फ एक संदर्भ तिथि के तौर पर देखा जाना चाहिए, न कि पुष्ट कार्यान्वयन तिथि। वित्त मंत्रालय के मुताबिक आयोग की रिपोर्ट आने के बाद कैबिनेट उसकी समीक्षा करेगी और उसके बाद ही अंतिम वेतन ढांचा अधिसूचित होगा। 7वें वेतन आयोग के इतिहास पर नजर डालें तो वह आयोग नवंबर 2015 में रिपोर्ट सौंपी थी। कैबिनेट ने जून 2016 में मंजूरी दी और वेतन अगस्त 2016 से खातों में आना शुरू हुआ, बाकी राशि एरियर के तौर पर बाद में मिली।

इसी पैटर्न के आधार पर विशेषज्ञ मान रहे हैं कि 8वें वेतन आयोग का वास्तविक भुगतान भी 2027 के मध्य या अंत तक ही शुरू हो पाएगा, भले ही एरियर 1 जनवरी 2026 से मिलने की संभावना जताई जा रही हो। फिलहाल सरकार मंत्रालयों-विभागों से कर्मचारियों का डेटा जुटाने और मायगव पोर्टल पर सुझाव लेने की प्रक्रिया पूरी कर चुकी है, और आयोग अलग-अलग राज्यों में स्टेकहोल्डर बैठकों के जरिए अंतिम सिफारिशें तैयार करने में जुटा है। सरकार और आयोग, दोनों की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि जब तक आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक सोशल मीडिया पर चल रहे सैलरी कैलकुलेटर या दावों को अंतिम आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।

Updated on:
24 Aug 2026 08:58 pm
Published on:
24 Aug 2026 08:58 pm