
जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से चल रहे एशियन गेम्स 2026 का रविवार को भव्य समारोह के साथ समापन हो गया। एशियन गेम्स में 43 खेलों और विधाओं की 469 स्पर्धाएं हुईं। करीब 90 मिनट चले समापन समारोह में 'वन एशिया' की थीम को दर्शाने के लिए मैदान के बीच शानदार मंच बनाया गया, जिसे जापानी गर्मियों के प्रतीक लालटेनों से सजाया गया।
समारोह की शुरुआत जापान के राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद खिलाड़ियों की परेड निकली, जिसमें भारत की ओर से ट्रैप शूटर नीरू ढांडा ध्वजवाहक रहीं। उन्होंने इन खेलों में दो स्वर्ण और एक रजत जीता। ओलंपिक्स डॉट कॉम के अनुसार तीरंदाज कुमकुम मोहोड़ ने भी दो स्वर्ण और एक रजत जीता।
धावक गुलवीर सिंह के नाम दो रजत और एक कांस्य रहा, जबकि विद्या रामराज ने महिला 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण, मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले में रजत और महिला 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य जीता। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) का ध्वज कतर को सौंपा गया, जो 2030 में 21वें एशियाई खेलों की मेजबानी करेगा।
भारत ने कुल 85 पदक जीते: 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। पीटीआई के मुताबिक यह प्रदर्शन पिछले संस्करण (हांगझोउ) से कम रहा। वहां भारत ने अपने इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 107 पदक (28 स्वर्ण, 38 रजत, 41 कांस्य) जीते थे। इस बार सौ का आंकड़ा नहीं छुआ जा सका, पर कई खेलों में टीम ने अपनी छाप छोड़ी।
तीरंदाजी में भारत को 5 स्वर्ण समेत 9 पदक मिले। बॉक्सिंग में 3 स्वर्ण समेत 6 पदक आए, कुश्ती में 2 स्वर्ण समेत 6 पदक। निशानेबाजी पदकों की संख्या में सबसे आगे रही, जहां 3 स्वर्ण, 8 रजत और 4 कांस्य सहित कुल 15 पदक मिले। एथलेटिक्स में 1 स्वर्ण, 9 रजत और 14 कांस्य सहित 24 पदक जीते गए, जो किसी भी खेल में सबसे ज्यादा हैं। स्क्वैश, सेलिंग, वेटलिफ्टिंग, वुशु, बैडमिंटन और टेबल टेनिस ने भी पदक तालिका को मजबूती दी।
टीम स्पर्धाओं में भारत का जलवा खास रहा। हॉकी और कबड्डी में पुरुष और महिला, दोनों टीमों ने स्वर्ण जीता। क्रिकेट में भी पुरुष और महिला दोनों टीमें चैंपियन बनीं। यानी इन तीनों खेलों में भारत के खाते में दो-दो स्वर्ण आए।
गोल्फ में प्रणवी उर्स ने महिलाओं के व्यक्तिगत वर्ग में भारत के लिए एशियाई खेलों का पहला स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा। ओलंपिक्स डॉट कॉम की सूची में गोल्फ से भारत को एक स्वर्ण और एक रजत मिला है।
चीन ने 169 स्वर्ण, 89 रजत और 83 कांस्य के साथ कुल 341 पदक जीतकर पहला स्थान पाया। मेजबान जापान 83 स्वर्ण, 95 रजत और 91 कांस्य (कुल 269) के साथ दूसरे नंबर पर रहा। दक्षिण कोरिया 39 स्वर्ण, 43 रजत और 68 कांस्य (कुल 150) के साथ तीसरे स्थान पर आया। भारत चौथे और उज्बेकिस्तान 70 पदकों के साथ पांचवें स्थान पर रहा।
यह आयोजन आसान नहीं रहा। प्रतियोगिताएं शुरू होने से दो दिन पहले, 8 सितंबर को नागोया में रिकॉर्ड मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। ये खेल 1951 में नई दिल्ली में हुए पहले एशियाई खेलों की 75वीं वर्षगांठ का भी मौका थे, जिसकी मेजबानी भारत ने की थी। अब भारत की नजर 18 से 24 अक्टूबर तक नागोया में ही होने वाले एशियन पैरा गेम्स पर है, जिसमें देश के 121 खिलाड़ी (80 पुरुष, 41 महिला) 6 खेलों में उतरेंगे। एशियाई खेलों के बाद यह टीम इंडिया की अगली बड़ी परीक्षा होगी।