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चीन का Bilibili App: यूट्यूब से भी अधिक पैसा देने का दावा, लेकिन भारतीय क्रिएटर्स को फायदा नहीं!

Bilibili का भारत में कदम ना रखना कई सवाल खड़े कर रहा है। जबकि, डिजिटल बिजनेस के लिहाज से भारत के बेहतर जगह है। आइए, इसके पीछे कारण और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानते हैं।
3 min read
Aug 26, 2026
bilibili app India
प्रतीकात्मक तस्वीर | ChatGPT

चीन की लोकप्रिय वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म Bilibili ने हाल ही में अपनी अंतरराष्ट्रीय विस्तार को लेकर घोषणा की है। कंपनी का दावा है कि वो यूट्यूब को टक्कर देने के लिए उतरी है। इसी बीच RT ने जानकारी शेयर (X पर) की है कि 1000 व्यूज पर करीब 60 रुपए यूजर को देने की योजना है। यह बदलाव वैश्विक डिजिटल मनोरंजन के नजरिए से कंटेंट क्रिएटर्स के लिए फायदे का सौदा है। हालांकि, भारतीय क्रिएटर्स के लिए ये बुरी खबर है। इस बात को हम नीचे समझेंगे।

Bilibili का अंतरराष्ट्रीय विस्तार

Bilibili ने एक नए अंतरराष्ट्रीय ऐप को लॉन्च किया है और अंग्रेजी भाषा में वेबसाइट पर काम कर रहा है। कंपनी ने दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों जैसे इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, वियतनाम, सिंगापुर और मलेशिया में अपनी सेवाएं पहले ही शुरू कर दी हैं, लेकिन भारत अभी इसमें शामिल नहीं है। पहले फेज में भारत में लॉन्च करने को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है। इसलिए भारतीय क्रिएटर्स को इंतजार करना होगा।

भारत क्यों अभी बाहर है?

Bilibili के अंतरराष्ट्रीय विस्तार में भारत का शामिल न होना कई कारणों से समझा जा सकता है। भारत में डिजिटल वीडियो और यूजर-जनरेटेड कंटेंट (UGC) का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। 2024 में भारत में डिजिटल वीडियो निवेश लगभग 5.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें ऑनलाइन वीडियो का हिस्सा 37% था। दूसरी ओर, भारत ने चीन जैसे भूमि-सीमा साझा करने वाले देशों से निवेश पर कड़े नियम लागू किए हुए हैं, जिन्हें हाल ही में कुछ क्षेत्रों में ढील दी गई है।

भारत - चीन नीति को लेकर भी पेंच फंसा

भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और वित्तीय धोखाधड़ी के खतरों का हवाला देते हुए जून-नवंबर 2020 के बीच TikTok, शेयरइट (SHAREit), यूसी ब्राउज़र (UC Browser), वीचैट (WeChat) सहित कुल 59 और बाद में अन्य चरणों में कुल मिलाकर 250 से अधिक ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया था।

भारत पर इसका क्या असर हो सकता है?

भारत में डिजिटल वीडियो और UGC का तेजी से विस्तार हो रहा है, लेकिन Bilibili जैसे प्लेटफॉर्म का सीधे प्रवेश अभी नहीं हुआ है। यदि Bilibili भविष्य में भारत में कदम रखता है, तो यह भारतीय कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक नया मंच हो सकता है, विशेषकर एनीमे, गेमिंग और कम्युनिटी-आधारित वीडियो कंटेंट में रुचि रखने वालों के लिए।

हालांकि, भारत में विदेशी निवेश की हालिया प्रवृत्तियां कुछ मिश्रित संकेत देती हैं। वित्तीय वर्ष 2026 में सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) रिकॉर्ड 94.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, लेकिन नेट FDI केवल 7.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर था - इसका मतलब है कि निवेश तो आया, लेकिन उससे अधिक पैसा बाहर भी गया। इसके अलावा, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने ₹1.92 ट्रिलियन निकाला, जो 2026 की शुरुआत में एक बड़ा आउटफ्लो था।

भारत में Bilibili के संभावित प्रवेश से क्या बदल सकता है?

  • भारतीय डिजिटल मनोरंजन बाजार को और विविधता मिल सकती है।
  • कंटेंट क्रिएटरों को एक नया प्लेटफॉर्म मिल सकता है, खासकर वे जो एनीमे, गेमिंग या कम्युनिटी-केंद्रित कंटेंट बनाते हैं।
  • विज्ञापन और ब्रांड पार्टनरशिप के नए अवसर खुल सकते हैं।
  • लेकिन निवेश और संचालन के लिए भारत में लागू नियमों—जैसे भूमि-सीमा वाले देशों से निवेश पर नियंत्रण—को ध्यान में रखना होगा।

क्या भारत में Bilibili का प्रवेश संभव है?

सरकार ने मार्च 2026 में प्रेस नोट 3 (PN3) में बदलाव किए हैं, जिससे कुछ क्षेत्रों में चीन जैसे देशों से आने वाले निवेश को स्वचालित मंजूरी मिल सकती है, बशर्ते वह निवेश गैर-नियंत्रक (10% तक) हो और समयबद्ध प्रक्रिया के तहत हो। यदि Bilibili भारत में निवेश करना चाहे, तो यह नीति उसे कुछ राह दिखा सकती है लेकिन वीडियो प्लेटफॉर्म पर विदेशी नियंत्रण पर अभी भी सीमाएं बनी हुई हैं।

भारत पर इसका मतलब क्या है?

भारत में डिजिटल वीडियो का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। Bilibili जैसे प्लेटफॉर्म का प्रवेश भारतीय दर्शकों और क्रिएटर्स दोनों के लिए नए अवसर ला सकता है। लेकिन निवेश और संचालन की राह आसान नहीं है - सरकारी नियम, विदेशी निवेश की प्रवृत्तियां और प्रतिस्पर्धी घरेलू प्लेटफॉर्म जैसे YouTube, MX Player, और अन्य OTT सेवाएं चुनौती बने रहेंगे।

Updated on:
26 Aug 2026 05:49 pm
Published on:
26 Aug 2026 05:49 pm