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फर्जी विज्ञापनों से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी ट्रिक्स; स्कैमर्स नहीं कर पाएंगे ठगी, सुरक्षित होगी खरीदारी

डिजिटल युग में ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान धोखाधड़ी का खतरा बना रहा है। जरा सी लापरवाही से आपकी जेब खाली हो सकती है। जानिए कैसे ऑनलाइन शॉपिंग को सुरक्षित बना सकते हैं और फर्जी ऑफर्स से बच सकते हैं।
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भारत

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Vinay Shakya

Aug 26, 2026

fake advertisements

सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)

ऑनलाइन शॉपिंग का दौर अब हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसके साथ ही फर्जी विज्ञापनों और धोखाधड़ी का खतरा भी बढ़ गया है। त्योहारों या सेल के समय यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है। जब हम आकर्षक ऑफर देखकर जल्दबाजी में निर्णय ले लेते हैं तो स्कैमर्स इसी बात का फायदा उठाते हैं। आइए जानते हैं कि आप इन फर्जी विज्ञापनों से कैसे बच सकते हैं?

असली वेबसाइट और ऐप का ही उपयोग करें

धोखेबाज अक्सर असली वेबसाइट की तरह दिखने वाले नकली पोर्टल बनाते हैं, जिनके URL में मामूली बदलाव या गलत वर्तनी होती है। उदाहरण के लिए, '.xyz', '.top' या '.shop' जैसे संदिग्ध एक्सटेंशन वाले डोमेन से सावधान रहें। हमेशा सीधे ब्राउजर में वेबसाइट का नाम टाइप करें, किसी लिंक पर क्लिक न करें। इसके साथ ही, सुनिश्चित करें कि URL में 'https' और लॉक का आइकन मौजूद हो। लेकिन ध्यान रखें, यह पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं है, क्योंकि कुछ नकली साइटें भी यह दिखा सकती हैं।

बहुत सस्ते ऑफर पर सतर्क रहें

  • अक्सर दिखने वाले 70 से 90% की भारी छूट या लिमिटेड टाइम डील जैसे ऑफर धोखाधड़ी के जाल होते हैं। ऐसे ऑफर देखकर तुरंत ऑर्डर न करें, बल्कि भरोसेमंद प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना करें।
  • सोशल मीडिया पर दिखने वाले ऑफर भी अक्सर नकली होते हैं। खासकर जब वे बहुत आकर्षक लगें।
  • समीक्षाएं और विक्रेता की विश्वसनीयता जांचें: विक्रेता के रिव्यू, रेटिंग और रिटर्न पॉलिसी को ध्यान से पढ़ें। बहुत अधिक सकारात्मक या अस्पष्ट रिव्यू फर्जी हो सकते हैं। यदि विक्रेता से संपर्क करने पर जवाब नहीं मिलता या प्रतिक्रिया में देरी होती है, तो यह भी धोखाधड़ी का संकेत हो सकता है।
  • भुगतान करते समय सतर्क रहें: संभावित धोखाधड़ी वाले विक्रेताओं को सीधे UPI या वॉलेट ट्रांसफर न करें। COD (कैश ऑन डिलीवरी) या सुरक्षित पेमेंट गेटवे का उपयोग करें। OTP, CVV, UPI पिन जैसी संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
  • संदिग्ध संदेशों और कूरियर कॉल्स से सावधान रहें: कई बार धोखेबाज नकली ‘डिलीवरी समस्या’ या ‘राशि देनी है’ जैसे संदेश भेजते हैं और लिंक पर क्लिक करने को कहते हैं। ऐसे संदेशों पर भरोसा न करें। सीधे कूरियर कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से जानकारी लें।

सरकारी शिकायत चैनल का उपयोग करें

यदि आप धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें या 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें। इसके अलावा, उपभोक्ता मामलों के विभाग के GAMA पोर्टल पर भी भ्रामक विज्ञापनों की शिकायत की जा सकती है।

AI और सोशल मीडिया से सावधान रहें

धोखेबाज अब AI-जनित तस्वीरों, नकली बैकस्टोरी और भावनात्मक कहानियों का इस्तेमाल कर विश्वास जीतने की कोशिश करते हैं। इसलिए, यदि कोई कहानी बहुत भावुक या असामान्य लगे, तो उसे सत्यापित किए बिना खरीदारी न करें।

सुरक्षित ऑनलाइन शॉपिंग के लिए सारांश तालिका

सावधानीक्या करें
वेबसाइट की पहचानसीधे टाइप करें, “https” और सही डोमेन देखें
ऑफर की जांचतुलना करें, बहुत सस्ते ऑफर से सावधान रहें
विक्रेता की विश्वसनीयतारिव्यू, रेटिंग और संपर्क जानकारी जांचें
भुगतान सुरक्षाCOD या सुरक्षित गेटवे का उपयोग करें, संवेदनशील जानकारी साझा न करें
संदिग्ध संदेशसीधे आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें
शिकायतराष्ट्रीय साइबर पोर्टल या 1930 पर रिपोर्ट करें

ऑनलाइन शॉपिंग में सावधानी बरतना अब सिर्फ सलाह नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी है। हर क्लिक और हर ऑफर पर थोड़ा रुककर सोचें। सही जानकारी, भरोसेमंद प्लेटफॉर्म और सतर्कता से आप न केवल अपना पैसा बचा सकते हैं, बल्कि ऑनलाइन खरीदारी का अनुभव भी सुरक्षित बना सकते हैं।