Patrika+

100 प्रतिशत बायोएथेनॉल से चलेगी टोयोटा इनोवा: 26 नवंबर को लॉन्च होगी कार, पेट्रोल के मुकाबले 25-30 रुपए आएगा खर्च

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ी घोषणा की है। केंद्रीय मंत्री ने कह कि 100 प्रतिशत बायोएथेनॉल से चलने वाली टोयोटा इनोवा कार 26 नवंबर को लॉन्च होगी।
2 min read
• •
Updated: 4 Nov 2026, 5:53 PM IST
Minister Nitin Gadkari
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (इमेज सोर्स- IANS)

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि भारत तेजी से हरित और स्वच्छ परिवहन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित 'पावरिंग द नेक्स्ट माइल' कॉन्क्लेव में घोषणा की है कि 26 नवंबर को टोयोटा की इनोवा कार का 100 प्रतिशत बायोएथेनॉल-आधारित मॉडल लॉन्च किया जाएगा, जो पेट्रोल के बजाय पूरी तरह एथेनॉल पर चलेगा।

गडकरी ने बताई कार की खासियत

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वर्तमान में एथेनॉल की कीमत करीब 75 रुपए प्रति लीटर है, जबकि पेट्रोल करीब 120 रुपए प्रति लीटर का है। मंत्री बताया कि यह वाहन चलते समय अपनी लगभग 60 प्रतिशत शक्ति बिजली से उत्पन्न करेगा। ऐसे में औसत परिचालन लागत की गणना करें तो इसका खर्च पेट्रोल की तुलना में लगभग 25 से 30 रुपए प्रति लीटर के बराबर होगा।

पेट्रोल के मुकाबले कितनी बचत होगी?

गडकरी ने कहा- इसी महीने 26 नवंबर को मैं टोयोटा की 4 पहिया गाड़ी इनोवा लॉन्च करने जा रहा हूं, जो पेट्रोल की जगह पूरी तरह से 100 प्रतिशत बायोएथेनॉल पर चलेगी। एथेनॉल की कीमत 75 रुपए प्रति लीटर है, जबकि पेट्रोल की कीमत 120 रुपए प्रति लीटर है। यह वाहन चलते समय अपनी 60 प्रतिशत ऊर्जा बिजली से उत्पन्न करेगा। इसलिए पेट्रोल की तुलना में औसत आधार पर गणना करने पर, प्रभावी लागत 25-30 रुपए प्रति लीटर के बराबर होगी।

नितिन गडकरी ने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को ईंधन खर्च में बड़ी बचत होगी और साथ ही प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि हरित, सुरक्षित और समावेशी तकनीक देश और आम लोगों दोनों के लिए लाभकारी साबित होगी।

गडकरी ने आगे बताया कि उन्हें बजाज और टीवीएस के पहले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को लॉन्च करने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि शुरुआती इलेक्ट्रिक स्कूटरों की रेंज लगभग 125 किलोमीटर थी, लेकिन बाद में कई स्टार्टअप कंपनियों ने लागत कम करने के लिए बैटरी क्षमता घटा दी और 70 किलोमीटर रेंज वाले वाहन 70,000 से 72,000 रुपए की कीमत पर बाजार में उतारे।

गडकरी ने कहा कि उस समय कंपनियों का मानना था कि कम कीमत वाले वाहन बिक्री बढ़ाने में मदद करेंगे। हालांकि अब तकनीक और बैटरी क्षमता दोनों में लगातार सुधार हो रहा है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की उपयोगिता बढ़ रही है।

गडकरी ने आगे कहा कि उन्हें देश की पहली इलेक्ट्रिक स्कूटर, इलेक्ट्रिक कार, इलेक्ट्रिक बस और इलेक्ट्रिक ट्रक को हरी झंडी दिखाने का अवसर भी मिला। उन्होंने बताया कि जब भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआत हुई थी, उस समय लिथियम-आयन बैटरी की कीमत 150 डॉलर प्रति किलोवाट-घंटा थी, जो अब घटकर 50 डॉलर प्रति किलोवाट-घंटा रह गई है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि हाल के समय में बैटरी कीमतों में गिरावट की रफ्तार थम गई है। इसका मुख्य कारण बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जबकि बैटरी उत्पादन और कच्चे माल की उपलब्धता उसी अनुपात में नहीं बढ़ पाई है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित हो रहे लोग

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति बढ़ते आकर्षण का सबसे बड़ा कारण उनकी कम ऑपरेटिंग कॉस्ट है। उन्होंने कहा कि जीवाश्म ईंधन आधारित वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहन चलाने का खर्च काफी कम आता है, जिससे उपभोक्ताओं को लंबे समय में प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलता है।

गडकरी ने जोर देकर कहा कि भारत को ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने, प्रदूषण घटाने और स्वदेशी एवं वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से काम करना होगा। बायोएथेनॉल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और अन्य हरित प्रौद्योगिकियां इस परिवर्तन की प्रमुख आधारशिला बनने जा रही हैं।

Updated on:
4 Nov 2026, 5:53 PM IST
Published on: