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भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे तेज रिन्यूएबल पॉवर देश: 10 साल में 4 गुना क्षमता बढ़ी, 2030 तक 530 GW का लक्ष्य

भारत की रिन्यूएबल ऊर्जा क्षमता में तेजी से वृद्धि हुई है। देश में 10 साल में 4 गुना हरित ऊर्जा क्षमता बढ़ी है।
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भारत

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Vinay Shakya

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Updated: 4 Nov 2026, 6:48 PM IST

india renewable energy potential status

सांकेतिक इमेज (सोर्स- IANS)

भारत वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा बाजार में तेजी से अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। देश की बढ़ती स्वच्छ ऊर्जा क्षमता से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो रही है। साथ ही, आयातित ईंधन पर निर्भरता कम हो रही है। यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की ओर से जारी एक नई रिपोर्ट में दी गई है।

भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बढ़ी

राजधानी दिल्ली में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट में जारी 'इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट रिपोर्ट 2026' के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लगभग 4 गुना बढ़ गई है। साल 2026 में यह क्षमता 300 गीगावाट के आंकड़े को पार कर गई है। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ता नवीकरणीय ऊर्जा बाजार और सौर फोटोवोल्टिक (पीवी) मॉड्यूल का दूसरा सबसे बड़ा विनिर्माता बन गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने 2025 में गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत हासिल करने का लक्ष्य पूरा कर लिया, जो निर्धारित समय से पांच साल पहले है। यह देश में स्वच्छ ऊर्जा बदलाव की तेज रफ्तार को दर्शाता है।

रिन्यूएबल एनर्जी में वृद्धि से क्या फायदा हुआ?

IEA के अनुसार, नवीकरणीय बिजली के तेजी से विस्तार से पहले ही अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को बड़े फायदा हुआ है। नवीकरणीय ऊर्जा से बिजली उत्पादन के कारण भारत को 2011 से 2025 के बीच कोयले और प्राकृतिक गैस के आयात पर होने वाले खर्च में 100 अरब डॉलर से अधिक की बचत हुई।

दशक के अंत तक यह कुल बचत दोगुने से भी अधिक होने की उम्मीद है। एजेंसी ने अनुमान जताया कि 2010 के बाद से जोड़ी गई सौर, पवन और जैव ऊर्जा क्षमता नहीं होती, तो 2025 में भारत का कोयला आयात लगभग 11 करोड़ टन अधिक होता।

भविष्य की संभावनाएं

आगे की संभावनाओं पर रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2030 तक भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लगभग 530 गीगावाट तक पहुंच जाएगी। इसमें सौर फोटोवोल्टिक (पीवी) ऊर्जा की हिस्सेदारी सभी नई स्थापित होने वाली क्षमताओं में 80 प्रतिशत से अधिक रहने की उम्मीद है।

विकास की यह रफ्तार भारत को गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता से जुड़े अपने व्यापक लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ाती रहेगी। आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत में नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बड़े लाभ दे रहा है।

फातिह बिरोल ने कहा कि भारत का अनुभव दर्शाता है कि स्थिर और निरंतर नीतिगत उपाय नवीकरणीय ऊर्जा की लागत कम करने, निवेश आकर्षित करने और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण सबक देने में मदद कर सकते हैं। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि एक प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा शक्ति के रूप में भारत का उभरना हाल के वर्षों में हुई प्रगति को दर्शाता है।